अध्याय -५७ अवियुक्त क्षेत्र का माहात्म्य

Post Views: 7 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥   महर्षि पुलस्त्य महाराज ययाति से बोले–     ॥ अवियुक्तवनं गच्छेत्ततः पार्थिवसत्तम ॥ यस्मिन्दृष्टे नरोभीष्टैर्न वियुज्येत कर्हिचित् ॥१॥ …