पदकृत्यसहित तर्कसंग्रह का लाइव व्याख्यान, मंगलाचरण

Post Views: 5 सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ मन्दिर जगद्गुरु श्रीरामानन्दाचार्यपीठ, नक्की लेक, सिरोही, राजस्थान की मुख्य गादी से श्रीमहंत आचार्य सियारामदास नैयायिक वैष्णवाचार्य जी महाराज के द्वारा …

आत्मनिष्ठ मंगल और आकाशनिष्ठ समाप्ति 

Post Views: 5 आत्मनिष्ठ मंगल और आकाशनिष्ठ समाप्ति में कार्य-कारण भाव कैसे?  Mangal Aur Granth Ki Samapti भगवत्स्मरण रूप मंगल आत्मा में है। तो वह आकाशनिष्ठ …

छल एवम् उसके भेद–वाक्छल, सामान्य छल और उपचारच्छल

Post Views: 227  किसी वाक्य के विपरीत  अर्थ  की कल्पना करके प्रयोक्ता के वाक्य का विरोध छल कहा जाता है– “वचनविघातोSर्थविकल्पोपत्त्या छलम् “–न्यायदर्शन, अध्याय-१, आह्निक-२, …

समाप्तपुनरातत्त्व दोष

Post Views: 72 समाप्त पुनरातत्व काव्य का दोष है | साहित्य दर्पणकार ने ” नाशयन्तो घनध्वान्तं तापयन्तो वियोगिनः | पतन्ति शशिनः पादाः भासयन्तः क्षमातलम् “|| …