Post Views: 27 श्रीमद्भगवद्गीता का द्वितीय अध्याय, मोह ग्रस्त अर्जुन को भगवान् द्वारा आत्मा की नित्यता का उपदेश Shrimad Bhagvad geeta Ka Dvitiya Adhyaya Acharya …
Category: श्रीमद्भगवद्गीता
Post Views: 12 पाठशुद्धिहेतु श्रवण । श्रीमद्भगवद्गीता के प्रथम अध्याय का पाठ करने एवं सुनने तथा शुद्ध पाठ हेतु मूलपाठ सुनें। Acharya Siyaramdas Naiyayik
Post Views: 172 मुक्तों से प्राप्य प्रभु के दिव्य धाम का उल्लेख “यद्गत्वा न निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम” (जहाँ जाकर प्राणी नहीं लौटता वही मेरा …
Post Views: 29 कर्म 2 प्रकार के होते हैँ सामान्य और विशेष । सामान्य कर्म मे वे हैँ जो प्रत्येक वर्ण एवम् आश्रम के लिए …
Post Views: 136 अर्जुन उवाच कथं भीष्ममहं संख्ये द्रोणं च मधुसूदन ।इषुभि: प्रतियोत्स्यामि पूजार्हावरिसूदन ॥४॥ व्याख्या – पूर्व में अर्जुन ने कहा था कि इस …
Post Views: 127 श्रीभगवानुवाच कुतस्त्वा कश्मलमिदं विषमे समुपस्थितम् । अनार्यजुष्टमस्वर्ग्यमकीर्तिकरमर्जुन ॥२॥ व्याख्या—अर्जुन के मोह का विद्रावक वचन श्रीभगवान् आरम्भ कर रहे हैं । श्रीभगवान्= श्री …
