Post Views: 157 हनुमत्सहस्रनाम स्तोत्र के पाठ से शत्रुनाश, संपत्ति प्राप्ति एवम् परकृत मारण,मोहन, उच्चाटन आदि अभिचार कर्मों का विनाश होता है। एक साधक को …
Category: स्तोत्र साधन
Post Views: 1,048 साधकों के लिए कल्पवृक्ष– ”एकादशमुखहनुमत्कवच” यह एकादशमुख हनुमत्कवच साधकों के लिए सौम्य तथा शत्रुसमूह का विशेष संहारक है । यह कवच सम्पूर्ण …
Post Views: 169 श्रीनृसिंहस्तुति जय जय परम उग्र भगवान। कनककशिपुरिपुदलनहित प्रकटे वीर महान ॥1॥ जय जय परम उग्र भगवान । हे परम उग्र भगवान् आपकी …
Post Views: 1,271 श्रीगणेशाय नम: ॥ श्रीदक्षिणामूर्तिगुरुभ्यो नम: ॥ देव्युवाच–शैवानि गाणपत्यानि शाक्तानि वैष्णवानि च । कवचानि च सौराणि चान्यानि यानि तानि च ॥१॥ श्रुतानि देवदेवेश …
Post Views: 183 हे आंजनेय हे पवनपुत्र हे महाबली करुणानिधान । हे अक्षविजेता महाशूर हे महादेव शतकोटि भान ।। हे प्रलयंकर रघुवरकिंकर हे महातेज गन्धर्वगान …
Post Views: 358 हनुमान चालीसा में ४० संख्या का रहस्य इसमें 40 चौपाइयां हैं । सभी चालीसा इसी के बाद भिन्न भिन्न देवी देवताओं के …
Post Views: 583 हनुमानजी के १२ नामों के विविध प्रयोग और उनके चामत्कारिक लाभ हनुमानजी के १२ नामों के विविध प्रयोग और उनके चामत्कारिक लाभ-आचार्य …
Post Views: 4,674 शत्रुबाधा नौकरी ग्रहदोष के लिए बजरंग बाण का अचूक प्रयोग श्रीरामः शरणं मम बजरंग बाण बजरंग बाण का पाठ रात्रि ११ बजे …
Post Views: 320 सर्वविधरक्षाकारकं भूतप्रेतग्रहादिसकलविघ्नविध्वंसकं ब्रह्माण्डपुराणोक्तं श्रीमदेकमुखिहनुमत्कवचम् अतिप्रभावशाली यह एकमुखिहनुमत्कवच भूतप्रेत ग्रह एवं रिपुजन्य समस्त बाधाओं का विध्वंसक है | इसका श्रद्धा से गुरु के …
Post Views: 302 भागवतोक्तं सविधि नारायणकवचम् विधि –स्नानादि से निवृत्त होकर उत्तर दिशा में मुख करके बैठ जाय | तत्पश्चात ३ वार आचमन करके आसन …
Post Views: 304 इस कवच के करन्यास एवं हृदयादिन्यास में “अञ्जनीसुतगर्भाय” और किसी प्रति में “अञ्जनीगर्भाय” पाठ मिलता है । जो अर्थ की दृष्टि से …
Post Views: 298 श्रीमदाञ्जनेय भुजङ्गप्रयातस्तोत्रम् मनोजवं मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥ बुद्दिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वं अरोगता । अजाड्यं वाक्पटुत्वं …
Post Views: 280 ||अथ श्रीरामसर्वस्वस्तोत्रं प्रारभ्यते || रामो माता मत्पितारामचन्द्रो भ्राता रामो मत्सखा रामचन्द्रः । रामः स्वामी राम एवार्थदाता रामादन्यं नैव जाने न जाने ॥ …
Post Views: 454 यदि ग्रहण में रुद्राष्टक सिद्ध कर लिया जाय तो इसका प्रभाव तत्काल देखने को मिलता है । ग्रहण शुरु होने के पहले …
