Post Views: 336 ब्रह्मदण्ड ब्रह्मदण्ड की चर्चा श्रीमद्वाल्मीकि रामायण के बालकाण्ड 56वें सर्ग में आयी है कि विश्वामित्र के आग्नेय पाशुपत आदि अस्त्रों यहां तक …
Category: गायत्री मन्त्र
Post Views: 308 स्नान करने के पश्चात् द्विज को समयानुसार संध्या में प्रवृत्त होना चाहिए । सन्ध्या नित्य कर्म है । यदि समय स्वल्प हो …
Post Views: 444 ब्रह्मगायत्री पर हुए आक्षेपों का उत्तर और आक्षेप्ताओं को चेलेंज़ -आचार्य सियारामदास नैयायिक ब्रह्मगायत्री की अपार महिमा किसी से तिरोहित नहीं है …
Post Views: 174 महाव्याहृतियुक्त गायत्री मन्त्र का विशद अर्थ ॐ=परमात्मा का प्रसिद्ध नाम, “तस्य वाचकः प्रणवः”-योगदर्शन, परमात्मा का वाचक प्रणव अर्थात् ओङ्कार भूर्भुवःस्वः– भूः —भूलोक …
Post Views: 520 ब्रह्मगायत्री मन्त्र का सप्रमाण विशद अर्थ “ॐ भूर्भुवः स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् “ जप के पूर्ण …
Post Views: 220 स्नान करने के पश्चात् द्विज को समयानुसार संध्या में प्रवृत्त होना चाहिए । सन्ध्या नित्य कर्म है । यदि समय स्वल्प हो …
