अध्याय -५७ अवियुक्त क्षेत्र का माहात्म्य

Post Views: 3 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥   महर्षि पुलस्त्य महाराज ययाति से बोले–     ॥ अवियुक्तवनं गच्छेत्ततः पार्थिवसत्तम ॥ यस्मिन्दृष्टे नरोभीष्टैर्न वियुज्येत कर्हिचित् ॥१॥ …

अध्याय -५०,कोटितीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 4 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले– ॥ कोटितीर्थं ततो गच्छेत् सर्वपातकनाशनम् ॥ तीर्थानां यत्र संजाता कोटिः पार्थिव हेलया ॥१॥ हे राजन्! …

अध्याय -५६, गुहेश्वर तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 25 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥    महर्षि पुलस्त्य राजा ययाति से बोले–    ॥ ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ गुहेश्वरमनुत्तमम् ॥  गुहामध्ये गतं लिङ्गं सिद्धेः संपूजितं …

अध्याय –५५, रुद्रह्रद तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 14  ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  महर्षि पुलस्त्य बोले–  ॥ ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ पुण्यं रुद्रह्रदं शुभम् ॥  यत्र स्नातो नरो भक्त्या गणाधीशत्वमाप्नुयात् ॥१॥ हे महाराज! …

अध्याय -५४, त्रिपुष्कर तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 21 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥   महर्षि पुलस्त्य महाराज ययाति से बोले–    ॥ ततस्त्रिपुष्करं गच्छेदभीष्टं पद्मजस्य च ।।  ब्रह्मणा तत्समानीतं पर्वतेऽर्बुदसंज्ञके ॥ …

पदकृत्यसहित तर्कसंग्रह का लाइव व्याख्यान, मंगलाचरण

Post Views: 2 सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ मन्दिर जगद्गुरु श्रीरामानन्दाचार्यपीठ, नक्की लेक, सिरोही, राजस्थान की मुख्य गादी से श्रीमहंत आचार्य सियारामदास नैयायिक वैष्णवाचार्य जी महाराज के द्वारा …

अध्याय-५३, ब्रह्मपद के प्राकट्य का माहात्म्य

Post Views: 24 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  महर्षि पुलस्त्य बोले–   ॥ ततो गच्छेद् ब्रह्मपदं तीर्थं त्रैलोक्यविश्रुतम् ।।  यत्र पूर्वं पदं न्यस्तं ब्रह्मणा लोककारिणा ॥ …

हनुमत्सहस्रनामस्तोत्रम्, Hanumat Sahasra Name Stotram

Post Views: 99 हनुमत्सहस्रनाम स्तोत्र के पाठ से शत्रुनाश, संपत्ति प्राप्ति एवम् परकृत मारण,मोहन, उच्चाटन आदि अभिचार कर्मों का विनाश होता है। एक साधक को …

अध्याय -५२, ईशानीशिखर तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 62 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  महर्षि पुलस्त्य बोले– ॥ ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ ईशानीशिखरं महत् ॥  यत्र गौर्या तपस्तप्तं सुपुण्यं लोकविश्रुतम् ॥ १ ॥ हे …

अध्याय -४९,रामतीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 23 ।।पुलस्त्य उवाच ॥ महर्षि पुलस्त्य ययाति से बोले– ॥ रामतीर्थं ततो गच्छेत्पुण्यमृषिनिषेवितम् ॥ तत्र स्नातस्य मर्त्यस्य जायते पापसंक्षयः ॥ १।। तत्पश्चात् प्राणी …

अध्याय -४८, कुलसन्तारण तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 36 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  महर्षि पुलस्त्य बोले– कुलसन्तारणं गच्छेत्तत्र तीर्थमनुत्तमम् ॥  यत्र स्नातो नरः सम्यक्कुलं तारयतेऽखिलम् ॥१॥ हे राजन् ! तत्पश्चात् प्राणी …

अध्याय -४७,गौतमाश्रम तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 24 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले–  ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ सुपूर्णं गौतमाश्रमम् ॥  यत्र पूर्वं तपस्तप्तं गौतमेन महात्मना ॥१॥ हे राजेन्द्र! व्यास तीर्थ …

अध्याय -४६,व्यास तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 2 ।।पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले– ॥ ततो व्यासेश्वरं गच्छेद्व्यासेन स्थापितं हि यत् ॥ तं दृष्ट्वा जायते मर्त्त्यो मेधावी मतिमाञ्छुचिः ॥ सप्तजन्मान्तराण्येव …