ब्रह्माण्ड महापुराण के रामवर्म की पाण्डुलिपि

https://in.docworkspace.com/d/sIAqmmIPPAePUmKoG?sa=601.1074

यह रामवर्म अतिगोपनीय है। इसके पाठ से आशातीत लाभ होता है। विना विधि जाने किया हुआ पाठ अधिक लाभ नहीं दे सकता–

आचार्य सियारामदास नैयायिक वैष्णवाचार्य 

जगद्गुरु श्रीरामानन्दाचार्य पीठ, रघुनाथ मन्दिर 

नक्की लेक,आबू पर्वत, राजस्थान 

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