महाराज जी सीताराम 🙏🙏 आपके चरणों में दंडवत प्रणाम 🙏
भगवान श्री राम ही परात्पर परब्रह्म है उनसे परे कोई और नहीं है , उनके ऊपर कोई और नहीं है वही सबसे ऊपर है।
इस पर प्रमाण सहित वीडियो बनाने की कृपा करे
Reply avasy kijiye please 🙏🙏🙏
आचार्य जी दण्डवत.. 🙏🙏 क्या श्रीरामानंदसम्प्रदाय अंतर्गत भगवान श्री राम में देह देही का भेद है? 🙏🏼🙏🏼.. क्यों कि रूप गोस्वामी जी ने अपने लघुभागवतामृत में लिखा है कि भगवान में देह देही का भेद औपचारिक है वास्तव नहीँ.. उदाहरण में कहा है जैसे राहु का सिर कहना औपचारिक है..🙏🏼🙏🏼भगवान सशरीर सर्वव्यापक हैं वे हीँ शरीरयुक्त हो परिच्छिन हैं.. उन्होंने कूर्मपुराण का संदर्भ दिया है जिसमे लिखा है देहेदेहीभिदा चात्र नेश्वरे विद्यते क्वचित.. आप मार्गदर्शन करें.. जय सियाराम दण्डवत
प्रणाम आचार्य जी
आचार्य श्री अपने राम रक्षा स्तोत्र के बारे में बहुत ही अच्छी जानकारी दी है इसमें स्पर्श राम रक्षा स्तोत्र पांच की विधि जो आपने बताई है उसमें लिखित
उत्कीलन मंत्र का जिक्र नहीं हुआ है कृपया उत्कीलन मंत्र बताने की कृपा करें
और मेरे मन में एक और प्रश्न है रामरक्षा स्तोत्र महादेव के सपनों के द्वारा बुध कौशिक ने लिखा है यहां विश्वामित्र जी ने लिखा है क्योंकि यह मैं इसलिए पूछ रहा हूं गीता प्रेस की राम रक्षा स्तोत्र के अंदर बुध कौशिक ऋषि के द्वारा रामरक्षा स्तोत्र लिखी गई है ऐसा पढ़ने में आ रहा है आप श्री के माध्यम से हमें जानने को मिल रहा है कि यह राम रक्षा स्तोत्र विश्वामित्र जी को महादेव ने सपनों में कहा था और उन्होंने लिख लिया विश्वामित्र द्वारा रचित रामरक्षा स्तोत्र कौन से ग्रंथ में है यह बताने की कृपा करें आचार्य श्री आपको सादर दंडवत प्रणाम 🙏
जय श्री राम आपके चरणों में कोटि कोटि प्रणाम ।मैं राम नाम का जप करता हूँ अपने बताया था 13 करोड़ राम नाम का पुरश्चरण करने के लिए पर मेरा उंगली ओर हाथ दर्द देता जाप करते हुए मुझे 11 घंटे लगते है 110592 दो अक्षरी राम नाम लेने में, मैं पढ़ाई भी करता हूँ पहले मैं हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे का 1 लाख जप 7.30 घंटे में कर लेता था पर श्री राम में रुचि हुई तो जपने लगा राम नाम जिससे 1 लाख नही हो पाता राम नाम और पूरा दिन खराब जाता है हृदय में ग्लानि भी होती है कि 50000 नाम ही लिया हूँ 1 लाख नही कर पाया ज़िन्दगी पूरा खराब होगया है क्या करूं बताइये कैसे 1लाख राम नाम रोज़ करूँ की 13 करोड़ का पुरश्चरण हो जाये ? धन्यवाद जय श्री राम
Namaskar Acharya Ji
Mera Prashna ye tha ki Bhagvan ka gun aur svarup mein kya bhed hai ?
Agar Bhed hai toh fhir unka Svarup Hai kya ? Woh unke Gun o par nirbharshil nahi ho jayga ?
इसके लिए आप ब्रह्मसूत्र का भाष्य पढ़ें। ” आनन्दं ब्रह्म” श्रुति से आनन्द का आश्रय परमात्मा बतलाया गया है। जबकि उसे आनन्दस्वरूप भी उपनिषदें बतला रही हैं। इस रहस्य के परिज्ञानार्थ ही भाष्यालोडन आवश्यक है। जय श्रीराम
Pranaam
1-Jinka upnayan Ho gaya par sandhya aur gayatri jap nahi kiya to gayatri jap aur sandhya kar sakate hai?
Ya phir dobara upnayan sanskar karave?
Phir gayatri jap kare
2-main Vishnu mantra kai saal se jap raha ho
aap Vishnu mantra” om namo bhagvate vasudevaya “ki dikasha de sakate hai?
महाराज जी को सादर प्रणाम,
आप महेश्वर तंत्रोक्त श्री राम रक्षा स्तोत्र को व्याख्या और अर्थ समेत कब सर्व जन हित हेतु प्रस्तुत करेंगे। आपकी कृपा से सभी लोग उसकी वास्तविक और लौकिक व पारलौकिक लाभों को प्राप्त करने में समर्थ हो पाएंगे ,ऐसा मेरे विश्वास है
अर्थ एक है । पर अगस्त्यसंहिता के कवच की अपेक्षा रुद्रयामल का एकादशमुख कवच तान्त्रिक है । इसकी लौकिक जगत् में उपादेयता अधिक और परमार्थ में कम है । अगस्त्यसंहिता का एकादशमुख कवच लौकिक जगत् की भाँति अध्यात्म में भी अत्यधिक उपयोगी है–“स्वर्गापवर्गदं दिव्यं” वचन से कंठत: अपवर्ग देने वाला कहा गया है । जबकि उसमें ऐसा नहीं कहा गया है ।
प्रणाम गुरुजी
जय रामजी की
पूज्य आदरणीय गुरुजी आपके चरणों में कोटि कोटी वंदन
में नीलकंठ जोशी बात कर रहा हु गुरुजी
सूरत गुजरात से
गुरुजी में ब्राह्मण हु
ओर में कर्मकांड करता हु तो गुरुजी
में हनुमान जी को बहुत मानता हु
में हनुमान जी की पूजा विधि करता हु नित्य
तो गुरुजी मुझे आपसे श्री रामरक्षा कवच की दीक्षा लेनी हे तो
क्या आप मुझे दीक्षा देंगे
तो में आपके पास कब आ सकता हु गुरुजी मिलने के लिए
ओर दीक्षा लेने के लिए |
महाराज जी सीताराम 🙏🙏 आपके चरणों में दंडवत प्रणाम 🙏
भगवान श्री राम ही परात्पर परब्रह्म है उनसे परे कोई और नहीं है , उनके ऊपर कोई और नहीं है वही सबसे ऊपर है।
इस पर प्रमाण सहित वीडियो बनाने की कृपा करे
Reply avasy kijiye please 🙏🙏🙏
क्या “श्री राम जय राम जय जय राम” मंत्र के लिये दीक्षा लेना जरूरी है?
आचार्य जी दण्डवत.. 🙏🙏 क्या श्रीरामानंदसम्प्रदाय अंतर्गत भगवान श्री राम में देह देही का भेद है? 🙏🏼🙏🏼.. क्यों कि रूप गोस्वामी जी ने अपने लघुभागवतामृत में लिखा है कि भगवान में देह देही का भेद औपचारिक है वास्तव नहीँ.. उदाहरण में कहा है जैसे राहु का सिर कहना औपचारिक है..🙏🏼🙏🏼भगवान सशरीर सर्वव्यापक हैं वे हीँ शरीरयुक्त हो परिच्छिन हैं.. उन्होंने कूर्मपुराण का संदर्भ दिया है जिसमे लिखा है देहेदेहीभिदा चात्र नेश्वरे विद्यते क्वचित.. आप मार्गदर्शन करें.. जय सियाराम दण्डवत
प्रणाम गुरुजी
जय रामजी की
पूज्य आदरणीय गुरुजी आपके चरणों में कोटि कोटी वंदन
में नीलकंठ जोशी बात कर रहा हु गुरुजी
सूरत गुजरात से
गुरुजी में ब्राह्मण हु
ओर में कर्मकांड करता हु तो गुरुजी
में हनुमान जी को बहुत मानता हु
में हनुमान जी की पूजा विधि करता हु नित्य
तो गुरुजी मुझे आपसे श्री रामरक्षा कवच की दीक्षा लेनी हे तो
क्या आप मुझे दीक्षा देंगे
तो में आपके पास कब आ सकता हु गुरुजी मिलने के लिए
ओर दीक्षा लेने के लिए |
प्रणाम आचार्य जी
आचार्य श्री अपने राम रक्षा स्तोत्र के बारे में बहुत ही अच्छी जानकारी दी है इसमें स्पर्श राम रक्षा स्तोत्र पांच की विधि जो आपने बताई है उसमें लिखित
उत्कीलन मंत्र का जिक्र नहीं हुआ है कृपया उत्कीलन मंत्र बताने की कृपा करें
और मेरे मन में एक और प्रश्न है रामरक्षा स्तोत्र महादेव के सपनों के द्वारा बुध कौशिक ने लिखा है यहां विश्वामित्र जी ने लिखा है क्योंकि यह मैं इसलिए पूछ रहा हूं गीता प्रेस की राम रक्षा स्तोत्र के अंदर बुध कौशिक ऋषि के द्वारा रामरक्षा स्तोत्र लिखी गई है ऐसा पढ़ने में आ रहा है आप श्री के माध्यम से हमें जानने को मिल रहा है कि यह राम रक्षा स्तोत्र विश्वामित्र जी को महादेव ने सपनों में कहा था और उन्होंने लिख लिया विश्वामित्र द्वारा रचित रामरक्षा स्तोत्र कौन से ग्रंथ में है यह बताने की कृपा करें आचार्य श्री आपको सादर दंडवत प्रणाम 🙏
बुध कौशिक और विश्वामित्र जी एक ही हैं भगवन्! माहेश्वर संहिता में १० प्रकार का रामरक्षा उपवर्णित है। और उसकी पाण्डुलिपि भी मेरे पास है।
जय श्री राम आपके चरणों में कोटि कोटि प्रणाम ।मैं राम नाम का जप करता हूँ अपने बताया था 13 करोड़ राम नाम का पुरश्चरण करने के लिए पर मेरा उंगली ओर हाथ दर्द देता जाप करते हुए मुझे 11 घंटे लगते है 110592 दो अक्षरी राम नाम लेने में, मैं पढ़ाई भी करता हूँ पहले मैं हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे का 1 लाख जप 7.30 घंटे में कर लेता था पर श्री राम में रुचि हुई तो जपने लगा राम नाम जिससे 1 लाख नही हो पाता राम नाम और पूरा दिन खराब जाता है हृदय में ग्लानि भी होती है कि 50000 नाम ही लिया हूँ 1 लाख नही कर पाया ज़िन्दगी पूरा खराब होगया है क्या करूं बताइये कैसे 1लाख राम नाम रोज़ करूँ की 13 करोड़ का पुरश्चरण हो जाये ? धन्यवाद जय श्री राम
मनीष कुमार जी आप 9460117766
नंबर पर फोन करके अपनी जिज्ञासा शांत करें।
पूजनीय गुरुश्रीमन् !
श्रीरामपञ्चशती के निम्नलिखित नामों में अशुद्धि की प्रतीति होती है /
अवसर मिलने पर आपके एक शिष्य के द्वारा उनका निर्मूलन कीजिये /
धन्यवाद !
1. मधुराभाषिने नमः (अशुद्ध) मधुरभाषिणे ?
2. महेन्द्रध्वनसङ्काशाय नमः (अशुद्ध) महेन्द्रध्वान ?
3. रणावर्मार्दने नमः (अशुद्ध) रणावमर्दिने ?
4. शुद्धाभिजकर्मणे (अशुद्ध) शुद्धाभिजातकर्मणे?
5. शौस्वीर्यपराक्रमैः अभिरामाय नमः शौर्यवीर्य ?
6. सत्सङ्ग प्रग्रहणेस्थानविते नमः विदे ?
7. सन्दृष्ट व्ययकर्मविते नमः विदे ?
8. समुद्रैवगाम्भीर्याय नमः गम्भीराय ?
9. साङ्गवेदविते नमः विदे ?
10. सार्वभौमकुलैजाताय कुले ?
11. स्थिरताय नमः स्थिरतमाय ?
भगवन्! सम्पूर्ण श्रीरामपंचशती उपलब्ध करायें। उसे मनोयोग से पढ़कर ही कोई परामर्श दिया जा सकता है।
Namaskar Acharya Ji
Mera Prashna ye tha ki Bhagvan ka gun aur svarup mein kya bhed hai ?
Agar Bhed hai toh fhir unka Svarup Hai kya ? Woh unke Gun o par nirbharshil nahi ho jayga ?
इसके लिए आप ब्रह्मसूत्र का भाष्य पढ़ें। ” आनन्दं ब्रह्म” श्रुति से आनन्द का आश्रय परमात्मा बतलाया गया है। जबकि उसे आनन्दस्वरूप भी उपनिषदें बतला रही हैं। इस रहस्य के परिज्ञानार्थ ही भाष्यालोडन आवश्यक है। जय श्रीराम
Pranaam
1-Jinka upnayan Ho gaya par sandhya aur gayatri jap nahi kiya to gayatri jap aur sandhya kar sakate hai?
Ya phir dobara upnayan sanskar karave?
Phir gayatri jap kare
2-main Vishnu mantra kai saal se jap raha ho
aap Vishnu mantra” om namo bhagvate vasudevaya “ki dikasha de sakate hai?
हमें द्वादशाक्षर मंत्र की दीक्षा नहीं मिली है। इसलिए नहीं दे सकता।
महाराज जी को सादर प्रणाम,
आप महेश्वर तंत्रोक्त श्री राम रक्षा स्तोत्र को व्याख्या और अर्थ समेत कब सर्व जन हित हेतु प्रस्तुत करेंगे। आपकी कृपा से सभी लोग उसकी वास्तविक और लौकिक व पारलौकिक लाभों को प्राप्त करने में समर्थ हो पाएंगे ,ऐसा मेरे विश्वास है
संजय जी! इसके अधिकारी कम लोग हैं। इसलिए इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
आश्रम में कुछ दिन रहना हो तो क्या औपचारिकता है। मै चंडीगढ के पंजाबविश्ववि्द्यालय में त्रिकशैववाद पर शोध कर रहा हूँ।
प्रणाम गुरूजी। कृपया श्रीविष्णूसहस्रनामस्तोत्रपर व्याख्यान करे।
आपकी कृपाभिलाषी
गार्गी
प्रसन्न रहें गार्गी जी ! समय मिलते ही आरम्भ करूँगा ।
गुरुजी जी प्रणाम।
एकादशमुख और एकादशमुखी हनुमत कवच में क्या भेद है?
सादर
अर्थ एक है । पर अगस्त्यसंहिता के कवच की अपेक्षा रुद्रयामल का एकादशमुख कवच तान्त्रिक है । इसकी लौकिक जगत् में उपादेयता अधिक और परमार्थ में कम है । अगस्त्यसंहिता का एकादशमुख कवच लौकिक जगत् की भाँति अध्यात्म में भी अत्यधिक उपयोगी है–“स्वर्गापवर्गदं दिव्यं” वचन से कंठत: अपवर्ग देने वाला कहा गया है । जबकि उसमें ऐसा नहीं कहा गया है ।
आपका बहुत आभार गुरूजी
गुरु जी का आशीर्वाद मार्ग दर्शन हमेशा मिलता रहे