रामनाम की सर्वव्यापकता

भगवानरामसृष्टिकेकणकणमेंसमाएहैं।हरविज्ञान, विद्याऔरकलामेंउनकीहीमौजूदगीहै।गणितभीऐसाहीएकविषयहै।वास्तवमेंगणितसत्यकीखोजपरआधारितज्ञानकीशाखाहै।गणितमेंमनुष्यसत्यकोतलाशताहैऔरदुनियामेंपरमसत्यको।सत्यऔरपरमसत्यतोश्रीरामहीहैं।एकरोचकगणितीयपहेलीबतातीहैकिहरनाममेंश्रीरामसमाएहैंऔरयहबातसिद्धभीकीजासकतीहै।यहसांकेतिकरूपसेकहतीहैनामकेअक्षरवेदगुनेकरिफेरिजतनसोंतत्वमिलावे।तत्वमिलायकेदूनेकरेफिरवामेवसुकोभागलगावे।भागलगायजोशेषबचेदोहरनाममेंरामकोवासबतावे।जिसकेनिशिदनजापकरनतेमनुआंमनवांछितफलपावे।अर्थआपकोईभीनामलें।मानाआपनेनामलियादीपक।नामकेपूर्णअक्षरलें।दीपकमें3 अक्षरहैं।इस3 कावेदगुनायानीचारगुनाकरें।चारगुना12 हुआ।अबइसमें5 तत्वमिलाएं।इसकायोग17 हुआ।तत्वमिलाकरदूनेकरें।अबइसकामान34 होगा।फिरइसमेंवसुयानी8 काभागलगाएं।  8 का34 मेंभागदेनेपर2 बचतेहैं।ये2 अक्षरभगवानरामकाप्रतीकहैं।इसप्रकारआपकिसीभीनामकेपूर्णअक्षरलेकरदेखें, सबमेंआपकोभगवानरामकेदर्शनहोंगे।  केएलविजय

2 Replies to “रामनाम की सर्वव्यापकता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *