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Category: साधना
Post Views: 18 षडक्षर राममन्त्रराज के बीज ” रां” का उच्चारण Acharya Siyaramdas Naiyayik
Post Views: 322 ॐ क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम् | अभूतिमसमृद्धिं मे सर्वां निर्णुद मे गृहात् ||8|| व्याख्या—भक्त को अपने भूख प्यास ,सुखादि-संसाधनों के अभाव को …
Post Views: 1,006 सप्तशती पाठ कैसे करें ? क्योंकि वह कीलित है । –यहाँ जो विशेष ग्रन्थ और साधकों के अनुभव हैं–उनके आधार पर लिखा …
Post Views: 62 गुरुपूर्णिमा गुरु का महत्त्व और गुरु को पाप , हमारे शास्त्रों में गुरु के महत्त्व को बतलाते हुए कहा गया है कि …
Post Views: 135 यह आश्रम माता नर्मदा के तट पर मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के अंजड़ तहसील मे अंजड़ से ५ किमी दूर स्थित है …
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Post Views: 512 🌺🌹ओम् नमो भगवते बजरंग वीर लोहे की गदा वज्र का सोंटा तेल सिंदूर की पूजा सवा मन का रोट माता जानकी जी …
Post Views: 303 स्नान करने के पश्चात् द्विज को समयानुसार संध्या में प्रवृत्त होना चाहिए । सन्ध्या नित्य कर्म है । यदि समय स्वल्प हो …
Post Views: 59 धर्म उसे कहते हैं जिससे किसी समाज राष्ट्र या समग्र विश्व को धारण किया जाता है –धरति मानवं –समाजं-राष्ट्रं –समग्रं विश्वं …
Post Views: 390 मानिषादप्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः । यत्कौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ।। मानिषादप्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः । यत्कौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ।। महर्षि वाल्मीकि के मुख से सर्वप्रथम …
Post Views: 312 हनुमान जी की उपासना से प्रमुख देवों की उपासना स्वयं सिद्ध अगस्त्यसंहिता के अनुसार हनुमान् जी का एकादशमुखस्वरूप –आचार्य सियारामदास नैयायिक एकमात्र …
Post Views: 511 ब्रह्मगायत्री मन्त्र का सप्रमाण विशद अर्थ “ॐ भूर्भुवः स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् “ जप के पूर्ण …
Post Views: 567 हनुमानजी के १२ नामों के विविध प्रयोग और उनके चामत्कारिक लाभ हनुमानजी के १२ नामों के विविध प्रयोग और उनके चामत्कारिक लाभ-आचार्य …
