Post Views: 6 सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ वेद विद्यालय आबू में उपनयन के बाद विप्र वटुक, Shriraghunath Ved Vidyalay Mount Abu https://youtu.be/_wNS4yiBMVM?si=nfkq-jnbR9C9XyBv सुप्रसिद्ध सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ मन्दिर माउंट …
Category: अनुष्ठान
Post Views: 12 श्रीमद्भागवत कथा के इस प्राचीनबर्हि और देवर्षि नारद के संवाद में प्रसंगत: अर्थविचार सहित नाम जप से विशेष लाभ का वर्णन किया …
Post Views: 44 श्रीराम जय राम जय जय राम मन्त्र का पुरश्चरण रामरहस्योपनिषद् में बतलाया गया है कि “श्रीराम जय राम जय जय राम” …
Post Views: 830 एकादशमुख हनुमत्कवच के पुरश्चरण की विधि- इस कवच के ४०००० पाठ का विधान है जो “चत्वारिंशत्सहस्राणि पठेच्छुद्धात्मना नरः” श्लोक में लिखा है …
Post Views: 1,015 साधकों के लिए कल्पवृक्ष– ”एकादशमुखहनुमत्कवच” यह एकादशमुख हनुमत्कवच साधकों के लिए सौम्य तथा शत्रुसमूह का विशेष संहारक है । यह कवच सम्पूर्ण …
Post Views: 198 बुद्धिवर्धक मन्त्र मा निषाद प्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः । यत् क्रौञ्चमिथुनादेकमवधी: काममोहितम् ।। महर्षि वाल्मीकि के मुख से सर्वप्रथम इसी श्लोक के …
Post Views: 315 ॐ क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम् | अभूतिमसमृद्धिं मे सर्वां निर्णुद मे गृहात् ||8|| व्याख्या—भक्त को अपने भूख प्यास ,सुखादि-संसाधनों के अभाव को …
Post Views: 328 श्रीसूक्त, मन्त्र-1 ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥1॥ अन्वय- हे जातवेदः हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् चन्द्रां …
Post Views: 985 सप्तशती पाठ कैसे करें ? क्योंकि वह कीलित है । –यहाँ जो विशेष ग्रन्थ और साधकों के अनुभव हैं–उनके आधार पर लिखा …
Post Views: 1,192 श्रीगणेशाय नम: ॥ श्रीदक्षिणामूर्तिगुरुभ्यो नम: ॥ देव्युवाच–शैवानि गाणपत्यानि शाक्तानि वैष्णवानि च । कवचानि च सौराणि चान्यानि यानि तानि च ॥१॥ श्रुतानि देवदेवेश …
Post Views: 300 स्नान करने के पश्चात् द्विज को समयानुसार संध्या में प्रवृत्त होना चाहिए । सन्ध्या नित्य कर्म है । यदि समय स्वल्प हो …
Post Views: 171 महाव्याहृतियुक्त गायत्री मन्त्र का विशद अर्थ ॐ=परमात्मा का प्रसिद्ध नाम, “तस्य वाचकः प्रणवः”-योगदर्शन, परमात्मा का वाचक प्रणव अर्थात् ओङ्कार भूर्भुवःस्वः– भूः —भूलोक …
Post Views: 388 मानिषादप्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः । यत्कौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ।। मानिषादप्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः । यत्कौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ।। महर्षि वाल्मीकि के मुख से सर्वप्रथम …
Post Views: 312 हनुमान चालीसा में ४० संख्या का रहस्य इसमें 40 चौपाइयां हैं । सभी चालीसा इसी के बाद भिन्न भिन्न देवी देवताओं के …
