Post Views: 45 पुरुषसूक्त,मन्त्र-४ की विशद हिन्दी व्याख्या भगवान् के द्वारा जंगम और स््थावर की सृष्टि–आचार्य सियारामदास नैयायिक त्रिपादूर्ध्व उदैत् पुरुषः पादोऽस्येहाभवत्पुनः । ततो विष्वड़् …
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Post Views: 39 पुरुषसूक्त, मन्त्र-५ की विशद हिन्दी व्याख्या पंचीकरणप्रक्रिया का सुस्पष्ट वर्णन–आचार्य सियारामदास नैयायिक ततो विराडजायत विराजो अधि पूरुषः । स जातो अत्यरिच्यत पश्चाद्भूमिमथो …
Post Views: 82 पुरुषसूक्त का एक परिचय पुरुष का अर्थ – पुरुष परमात्मा का एक प्रसिद्ध नाम है । पूर्षु = सर्वशरीरेषु =सम्पूर्ण जीवों के …
