न्याय दर्शन, रहस्य छल एवम् उसके भेद–वाक्छल, सामान्य छल और उपचारच्छल Posted onApril 2, 2019 Post Views: 219 किसी वाक्य के विपरीत अर्थ की कल्पना करके प्रयोक्ता के वाक्य का विरोध छल कहा जाता है– “वचनविघातोSर्थविकल्पोपत्त्या छलम् “–न्यायदर्शन, अध्याय-१, आह्निक-२, …