यात्राकाल में हनुमत्स्मरण से लाभ

यात्राकाल में हनुमत्स्मरण से लाभ

हम यात्रा जब करते है तब किसी दुर्घटना या चोर डाकुओं के भय अथवा शत्रुओं
से किसी प्रकार के अनिष्ट की कल्पना किंवा रणभूमि में शत्रु के भीषण प्रहार

की आशड़्का से भयाक्रान्त हो जाते हैं ।
ऐसी स्थिति आने के पूर्व ही हमे निम्नलिखित मन्त्र का प्रस्थान करते समय या

उससे पूर्व कम से कम 11 बार जप कर लें तो सब सड़्कट तत्काल कट जाते हैं

और कुशलतापूर्वक हम घर लौट आयेंगे ।

मन्त्र इस प्रकार है –

अपराजित नमस्तेऽस्तु नमस्ते रामपूजित ।

प्रस्थानं च करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ।।

जय श्रीराम

#आचार्यसियारामदासनैयायिक

Gaurav Sharma, Haridwar

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