हे आंजनेय हे पवनपुत्र हे महाबली करुणानिधान ।
हे अक्षविजेता महाशूर हे महादेव शतकोटि भान ।।
हे प्रलयंकर रघुवरकिंकर हे महातेज गन्धर्वगान ।
हे मायावीमदहरणवीर हे साधुसुरक्षक नमन मान ।।
हे ज्ञानरूप सेवितसुभूप हे वशीकारवैराग्यवान ।
हे ज्ञानिनिषेवित सुरमुनिसेवित विजितपंचशर गुणनिधान ।।
हे मोहप्रबलरिपुग्रसनवीर रणधीर प्रशंसिततत्त्वज्ञान ।
हे खररिपुघालक अरिउरशालक सुरमुनिपालक प्राणदान ।।
हे ब्रह्मग्रह के प्राणहरण संसारतरण के सुलभ यान ।
हे भक्तसहायक भक्तिप्रदायक कपिकुलनायक विगतमान ।।
हे पंचमुखी एकादशमुख हे सप्तमुखी कपिवर महान ।
हे सप्तकोटिमन्त्रितशरीर लो सियाराम शरणागत मान ।।
जय श्रीराम
#आचार्यसियारामदासनैयायिक

