Post Views: 33 पुरुषसूक्त, मन्त्र-८ की विशद हिन्दी व्याख्या तस्मादश्वा अजायन्त ये के चोभयादतः । गावो ह जज्ञिरे तस्मात्तस्माज्जाता …
Month: March 2019
Post Views: 69 पुरुषसूक्त, मन्त्र-७ की विशद हिन्दी व्याख्या तस्माद्यज्ञात् सर्वहुत ऋचः सामानि जज्ञिरे । छन्दांसि जज्ञिरे तस्माद्यजुस्तस्मादजायत ।। 7 .. पूर्व मन्त्र की …
Post Views: 58 पुरुषसूक्त, मन्त्र-६ की विशद हिन्दी व्याख्या तस्माद्यज्ञात्सर्वहुतः संभृतं पृषदाज्यम् । पशूँस्ताँश्चक्रे वायव्या नारण्या ग्राम्याश्च ये ।।६।। पूर्व मन्त्र में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड, चतुर्मुख …
Post Views: 87 दयानन्दीय भ्रान्तिगिरि-भङ्ग, पृष्ठ-८ स्वामी दयानन्द—ब्राह्मणग्रन्थ वेद के व्याख्यान हैं पर वेद नही—“ ब्राह्मणानि तु वेदाख्यानान्येव सन्ति, नैव वेदाख्यानानि “-ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका, पृष्ठ-८६, समाधान—आचार्य सियारामदास …
Post Views: 76 दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि –भङ्ग,पृष्ठ ४ वेद के भाग मन्त्र और ब्राह्मण , महर्षि आपस्तम्ब और कात्यायन से समर्थित ब्राह्मण भाग हमारे वैदिक धर्म में सदा …
Post Views: 54 विवाह में 7 फेरे ( भांवर )केवल भ्रममात्र है आज कल विवाह में कहीं तो 7 फेरों का प्रचलन है तो कहीं …
Post Views: 70 उपनयन के विना वेदाध्ययन नहीं वेदाध्ययन करने के लिए उपनयन अनिवार्य है । उपनयन किसका वेदसम्मत है? –यह निर्णीत होते ही वेदाध्ययन …
Post Views: 55 गुरु का महत्त्व और गुरु को शिष्यकृतपापप्रसक्ति हमारे शास्त्रों में गुरु के महत्त्व को बतलाते हुए कहा गया है कि “ आचार्यवान् …
Post Views: 444 ब्रह्मगायत्री पर हुए आक्षेपों का उत्तर और आक्षेप्ताओं को चेलेंज़ -आचार्य सियारामदास नैयायिक ब्रह्मगायत्री की अपार महिमा किसी से तिरोहित नहीं है …
Post Views: 58 पुरुषसूक्त मन्त्र-१ की विशद हिन्दी व्याख्या “पुरुषसूक्त” मन्त्र-१ की विशद हिन्दी व्याख्या–आचार्य सियारामदास नैयायिक हरिः ओम् सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् । स …
Post Views: 43 पुरुषसूक्त मन्त्र-२ की व्याख्या पुरुषसूक्त मन्त्र-२ की विशद हिन्दी व्याख्या –आचार्य सियारामदास नैयायिक पुरुष एवेदं सर्वं यद्भूतं यच्च भाव्यम् । उतामृतत्वस्येशानो यदन्नेनातिरोहति …
Post Views: 44 पुरुषसूक्त मन्त्र-३ की विशद हिन्दी व्याख्या भगवान् का वैभव –आचार्य सियारामदास नैयायिक एतावानस्य महिमातो ज्यायांश्च पूरुषः । पादोऽस्य विश्वाभूतानि त्रिपादस्यामृतं दिवि ।।३।। …
Post Views: 45 पुरुषसूक्त,मन्त्र-४ की विशद हिन्दी व्याख्या भगवान् के द्वारा जंगम और स््थावर की सृष्टि–आचार्य सियारामदास नैयायिक त्रिपादूर्ध्व उदैत् पुरुषः पादोऽस्येहाभवत्पुनः । ततो विष्वड़् …
Post Views: 39 पुरुषसूक्त, मन्त्र-५ की विशद हिन्दी व्याख्या पंचीकरणप्रक्रिया का सुस्पष्ट वर्णन–आचार्य सियारामदास नैयायिक ततो विराडजायत विराजो अधि पूरुषः । स जातो अत्यरिच्यत पश्चाद्भूमिमथो …
