दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि-भङ्ग,पृष्ठ-५

Post Views: 57 दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि-भङ्ग,पृष्ठ-५, स्वामी दयानन्द जी का तर्क है कि “ द्वितीया ब्राह्मणे ”-२/३/६०, और “ चतुर्थ्यर्थे बहुलं छन्दसि ”-२/३/६२, इन सूत्रों में वेद …

वेद के भाग मन्त्र ओर ब्राह्मणग्रन्थ , दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि-भङ्ग,पृष्ठ ३

Post Views: 60 वेद के भाग मन्त्र ओर ब्राह्मणग्रन्थ , दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि-भङ्ग,पृष्ठ ३ मन्त्र और ब्राह्मणभाग ये दोनों वेद कहे जाते है—इसका खण्डन स्वामी दयानन्द जी …

वेदों के भाग मन्त्र और ब्राह्मण, दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि–भंग

Post Views: 301 वेदों के भाग मन्त्र और ब्राह्मण, दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि–भंग वैदिक सनातन धर्म में मन्त्र और ब्राह्मण इन दोनों को “ वेद ”-नाम से कहा …

मानस में नारी शब्द का वास्तविक अर्थ

Post Views: 80 मानस में नारी शब्द का वास्तविक अर्थ ढोल गंवार शूद्र पशु नारी । सकल ताडना के अधिकारी–मानस-सुन्दरकांड-५९/६, यहाँ नारी शब्द की आज …

भगवान् कृष्ण की जन्मपत्रिका का फलकथन

Post Views: 50 भगवान् कृष्ण की जन्मपत्रिका का फलकथन जन्माष्टमी पर बन रहा है अद्भुत योग, क्या फिर होगा अवतार । अविनाशी परमब्रह्म का जब …

महाव्याहृतियुक्त गायत्री मन्त्र का विशद अर्थ

Post Views: 174 महाव्याहृतियुक्त गायत्री मन्त्र का विशद अर्थ ॐ=परमात्मा का प्रसिद्ध नाम, “तस्य वाचकः प्रणवः”-योगदर्शन, परमात्मा का वाचक प्रणव अर्थात् ओङ्कार भूर्भुवःस्वः– भूः —भूलोक …

केनोपनिषद्,मन्त्र 3, जगत् ब्रह्म नहीं है

Post Views: 33 »»»»»»»»» केनोपनिषद्,मन्त्र 3, जगत् ब्रह्म नहीं है । «««««« यद्वाचानभ्युदितं येन वागभ्युद्यते । तदेव ब्रह्म त्वं विद्धि नेदं यदिदमुपासते ।। 3 .. …

भगवान् परशुराम क्षत्रिय जाति के विरोधी नहीं थे

Post Views: 232 भगवान् परशुराम क्षत्रिय जाति के विरोधी नहीं थे “जहि दुष्टान् नृपोत्तमान्।”-इस आज्ञा के अनुसार जामदग्न्य ने दुष्ट राजाओं का वध किया , …

मुस्लिमों के कब्र की मूल परम्परा वर्गविशेष के राक्षसों से चली है

Post Views: 133 मुस्लिमों के कब्र की मूल परम्परा वर्गविशेष के राक्षसों से चली है-सप्रमाण विवेचन हमारे शास्त्रों में मृत शरीर के ३परिणाम बताये गये …

भगवान् श्रीराम शूर्पणखा से विवाहित लक्ष्मण जी को कुआंरा क्यों कहे ?

Post Views: 90 भगवान् श्रीराम शूर्पणखा से विवाहित लक्ष्मण जी को कुआंरा क्यों कहे ? शूर्पणखा भगवान् राम के पास प्रणय याचना करने आयी और …