Post Views: 66दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि-भङ्ग,पृष्ठ-५, स्वामी दयानन्द जी का तर्क है कि “ द्वितीया ब्राह्मणे ”-२/३/६०, और “ चतुर्थ्यर्थे बहुलं छन्दसि ”-२/३/६२, इन सूत्रों में वेद तथा …
Month: March 2019
Post Views: 67वेद के भाग मन्त्र ओर ब्राह्मणग्रन्थ , दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि-भङ्ग,पृष्ठ ३ मन्त्र और ब्राह्मणभाग ये दोनों वेद कहे जाते है—इसका खण्डन स्वामी दयानन्द जी ने …
Post Views: 332वेदों के भाग मन्त्र और ब्राह्मण, दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि–भंग वैदिक सनातन धर्म में मन्त्र और ब्राह्मण इन दोनों को “ वेद ”-नाम से कहा गया …
Post Views: 46हिन्दू (वैदिक सनातन) धर्म के देवता राम सीता लक्ष्मण हमारे वैदिक सनातन हिन्दू धर्म में कितने देवता हैं ? इसे सप्रमाण बतलाना चाहिए …
Post Views: 86मानस में नारी शब्द का वास्तविक अर्थ ढोल गंवार शूद्र पशु नारी । सकल ताडना के अधिकारी–मानस-सुन्दरकांड-५९/६, यहाँ नारी शब्द की आज तक …
Post Views: 78भगवान् कृष्ण की जन्मपत्रिका का फलकथन जन्माष्टमी पर बन रहा है अद्भुत योग, क्या फिर होगा अवतार । अविनाशी परमब्रह्म का जब भी …
Post Views: 35सबसे बड़ा कौन ? एक बार ऋषियों के बीच यह प्रश्न उपस्थित हुआ कि सबसे बड़ा कौन है ? किसी ने कहा–पृथ्वी । …
Post Views: 94पुरुषसूक्त का एक परिचय पुरुष का अर्थ – पुरुष परमात्मा का एक प्रसिद्ध नाम है । पूर्षु = सर्वशरीरेषु =सम्पूर्ण जीवों के शरीर …
Post Views: 189महाव्याहृतियुक्त गायत्री मन्त्र का विशद अर्थ ॐ=परमात्मा का प्रसिद्ध नाम, “तस्य वाचकः प्रणवः”-योगदर्शन, परमात्मा का वाचक प्रणव अर्थात् ओङ्कार भूर्भुवःस्वः– भूः —भूलोक भुवः …
Post Views: 87क्या अहिंसा सदा ही परम धर्म है ? “अहिंसा परमो धर्मः” यह वाक्य अति प्रसिद्ध है । जिसके द्वारा अहिंसा को सर्वश्रेष्ठ धर्म …
Post Views: 39»»»»»»»»» केनोपनिषद्,मन्त्र 3, जगत् ब्रह्म नहीं है । «««««« यद्वाचानभ्युदितं येन वागभ्युद्यते । तदेव ब्रह्म त्वं विद्धि नेदं यदिदमुपासते ।। 3 .. पूर्वोक्त …
Post Views: 237भगवान् परशुराम क्षत्रिय जाति के विरोधी नहीं थे “जहि दुष्टान् नृपोत्तमान्।”-इस आज्ञा के अनुसार जामदग्न्य ने दुष्ट राजाओं का वध किया , धार्मिक …
Post Views: 151मुस्लिमों के कब्र की मूल परम्परा वर्गविशेष के राक्षसों से चली है-सप्रमाण विवेचन हमारे शास्त्रों में मृत शरीर के ३परिणाम बताये गये हैं— …
Post Views: 112भगवान् श्रीराम शूर्पणखा से विवाहित लक्ष्मण जी को कुआंरा क्यों कहे ? शूर्पणखा भगवान् राम के पास प्रणय याचना करने आयी और बोली …
