Post Views: 192 पत्नी दासीसमा यस्य वासनाशान्तिसाधनम्। मनुते य: कुलाङ्गार: नरो नैव स राक्षस: ।।१३।। जो पत्नी को दासी के समान तथा उसे मात्र …
Month: December 2022
Post Views: 482 पतिघ्नी दुष्ट भार्या सा या सदा कटुभाषिणी। कुम्भीपाकं चिरं भुङ्क्त्वा जायते कुक्कुरी तत:।।९।। पति का हनन करने वाली दुष्ट भार्या वह …
Post Views: 131 देहादिषु त्वहंबुद्धि: विचारेण निवर्तते। मोक्षाय साधनं सर्वं व्यर्थं हि निर्विचारकम्।।६।। देह आदि में जो अहंबुद्धि है । वह सम्यक् विचार से …
