Post Views: 79 दयानन्दीय भ्रान्तिगिरि-भङ्ग, पृष्ठ-८ स्वामी दयानन्द—ब्राह्मणग्रन्थ वेद के व्याख्यान हैं पर वेद नही—“ ब्राह्मणानि तु वेदाख्यानान्येव सन्ति, नैव वेदाख्यानानि “-ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका, पृष्ठ-८६, समाधान—आचार्य सियारामदास …
Category: दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि–भंग
Post Views: 74 दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि –भङ्ग,पृष्ठ ४ वेद के भाग मन्त्र और ब्राह्मण , महर्षि आपस्तम्ब और कात्यायन से समर्थित ब्राह्मण भाग हमारे वैदिक धर्म में सदा …
Post Views: 56 दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि-भङ्ग,पृष्ठ-५, स्वामी दयानन्द जी का तर्क है कि “ द्वितीया ब्राह्मणे ”-२/३/६०, और “ चतुर्थ्यर्थे बहुलं छन्दसि ”-२/३/६२, इन सूत्रों में वेद …
Post Views: 51 वेद के भाग मन्त्र ओर ब्राह्मणग्रन्थ , दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि-भङ्ग,पृष्ठ ३ मन्त्र और ब्राह्मणभाग ये दोनों वेद कहे जाते है—इसका खण्डन स्वामी दयानन्द जी …
Post Views: 280 वेदों के भाग मन्त्र और ब्राह्मण, दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि–भंग वैदिक सनातन धर्म में मन्त्र और ब्राह्मण इन दोनों को “ वेद ”-नाम से कहा …
