हनुमानचालीसा में “संकरसुवन” पाठ के औचित्य में प्रमाण

Post Views: 287हनुमानचालीसा में “संकरसुवन” पाठ के औचित्य में प्रमाण किसी भी महापुरुष के ग्रन्थ में पाठपरिवर्तन महापराध है । लिपिकारों से प्रमाद की सम्भावना …

व्याकरणदृष्ट्या भी “संकर सुवन” पाठ ही प्रामाणिक है

Post Views: 102व्याकरणदृष्ट्या भी “संकर सुवन” पाठ ही “हनुमानचालीसा” में सर्वथा प्रामाणिक है, अन्य नही शब्दकल्पद्रुम में प्रमाणपूर्वक यह तथ्य प्रस्तुत किया गया है – …

हनुमानचालीसा में “संकर स्वयं” नहीं अपितु “संकर सुवन” ही प्रामाणिक

Post Views: 106हनुमानचालीसा में “संकर स्वयं” नहीं अपितु “संकर सुवन” ही प्रामाणिक पाठ है। किसी भी महापुरुष के ग्रन्थ में पाठपरिवर्तन महापराध है । लिपिकारों …

शरणागति के अंग और उसकी विधा

Post Views: 514शरणागति के ६ अंग इसी का दूसरा नाम “प्रपत्ति” तथा “न्यासविद्या” भी है । यह उपनिषदों में वर्णित ब्रह्मविद्याविशेष है और निश्चयात्मक ज्ञानस्वरूपा …

कालयवन से भगवान् कृष्ण की रणविमुखता में कारण

Post Views: 19कालयवन से भगवान् कृष्ण की रणविमुखता में कारण सर्वसमर्थ भगवान् श्रीकृष्ण कालयवन से युद्ध न करके क्यों भगे ? इस प्रश्न का उत्तर …

तुलसी से अनेक लाभ

Post Views: 29तुलसी से अनेक लाभ तुलसी की उपादेयता अब मात्र शास्त्र का विषय नही रही अपितु वैज्ञानिकों ने शोध द्वारा इसके अनेक लाभों का …

तुलसी के विविध प्रयोग

Post Views: 40तुलसी के विविध प्रयोग —- तुलसी के विविध प्रयोगअपने घर में तुलसी के पौधे अवश्य लगायें; क्योंकि..तुलसी एक ऐसा पौधा है। जिसके अनेक …

भगवान् व्यास ब्राह्मण हैं, शूद्र नही

Post Views: 61भगवान् व्यास ब्राह्मण हैं, शूद्र नही —भगवान् कृष्णद्वैपायन व्यास महर्षि परासर के द्वारा माँ सत्यवती से उत्पन्न हुए | इन्हें शास्त्रनाभिज्ञ कुछ लोग …

ब्रह्मदण्ड

Post Views: 407ब्रह्मदण्ड ब्रह्मदण्ड की चर्चा श्रीमद्वाल्मीकि रामायण के बालकाण्ड 56वें सर्ग में आयी है कि विश्वामित्र के आग्नेय पाशुपत आदि अस्त्रों यहां तक कि …

कालयवन से भगवान् कृष्ण की रणविमुखता में कारण

Post Views: 61कालयवन से भगवान् कृष्ण की रणविमुखता में कारण- सर्वसमर्थ भगवान् श्रीकृष्ण कालयवन से युद्ध न करके क्यों भगे ? इस प्रश्न का उत्तर …