Post Views: 570 रुक्मिणी जी का प्रेमपत्र रुक्मिणी जी ने भगवान् श्रीकृष्ण को एक प्रेमपत्र भेजा जिसकी चर्चा भागवत दशम स्कन्ध में है । यदि …
Category: रहस्य
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Post Views: 231 राम नाम विष्णुसहस्रनाम के समान फलप्रद कैसे ? भगवान् राम के ” राम ” नाम को विष्णुसहस्रनाम के तुल्य कहा गया है …
Post Views: 51 दीपावली को दीपदान विशेष लाभ के लिए कैसे करें ? कार्तिक मास में विशेषकर आज दीपावली को दीपदान का बड़ा महत्त्व है …
Post Views: 68 नारी का क्या महत्त्व है यह आज का मानव भूल गया है ,किसी की मर्यादा कोई मर्यादित व्यक्ति ही समझ सकता है …
Post Views: 227 किसी वाक्य के विपरीत अर्थ की कल्पना करके प्रयोक्ता के वाक्य का विरोध छल कहा जाता है– “वचनविघातोSर्थविकल्पोपत्त्या छलम् “–न्यायदर्शन, अध्याय-१, आह्निक-२, …
Post Views: 172 मुक्तों से प्राप्य प्रभु के दिव्य धाम का उल्लेख “यद्गत्वा न निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम” (जहाँ जाकर प्राणी नहीं लौटता वही मेरा …
Post Views: 219 हरिद्रा हरिद्रा के लिए प्रचलित शब्द हल्दी है। भारतीय मसालों का राजा- विशेष परिचय का मुंहताज नहीं। वैजयन्ती के आकार की इसकी …
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Post Views: 74 सभी पवित्रतायें व्यर्थ हैं यदि धन का उपार्जन शुद्धता से नहीं किया गया — “सर्वेषामेव शौचानामर्थशौचं परं स्मृतम् । योSर्थे शुचिर्हि स …
Post Views: 90 भारतीय अर्थव्यवस्था की आत्मा गाय हमारा खेतिहर देश जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर खड़ा है, जिसकी आत्मा गाय है। संसार के अन्य देशों …
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Post Views: 202 ।।महाराज रघु और ढूँढा राक्षसी।। भविष्यपुराण के उत्तरपर्व के १३२वें अध्याय में फाल्गुन पूर्णिमाव्रत की कथा का वर्णन आया है। भगवान श्रीकृष्ण …
Post Views: 72 समाप्त पुनरातत्व काव्य का दोष है | साहित्य दर्पणकार ने ” नाशयन्तो घनध्वान्तं तापयन्तो वियोगिनः | पतन्ति शशिनः पादाः भासयन्तः क्षमातलम् “|| …
