Post Views: 137 शब्द शास्त्र के अनुसार तन्त्र शब्द ‘तन’ धातु से बना है जिसका अर्थ है विस्तार। शैव सिद्धान्त’ के ‘कायिक आगम’ में इसका …
Category: साधना
Post Views: 4,674 शत्रुबाधा नौकरी ग्रहदोष के लिए बजरंग बाण का अचूक प्रयोग श्रीरामः शरणं मम बजरंग बाण बजरंग बाण का पाठ रात्रि ११ बजे …
Post Views: 80 करमाला की विधि तथा शक्ति एवं देवों के जप में करमाला का रहस्य करमाला की विधि तथा शक्ति एवं देवों के जप …
Post Views: 320 सर्वविधरक्षाकारकं भूतप्रेतग्रहादिसकलविघ्नविध्वंसकं ब्रह्माण्डपुराणोक्तं श्रीमदेकमुखिहनुमत्कवचम् अतिप्रभावशाली यह एकमुखिहनुमत्कवच भूतप्रेत ग्रह एवं रिपुजन्य समस्त बाधाओं का विध्वंसक है | इसका श्रद्धा से गुरु के …
Post Views: 302 भागवतोक्तं सविधि नारायणकवचम् विधि –स्नानादि से निवृत्त होकर उत्तर दिशा में मुख करके बैठ जाय | तत्पश्चात ३ वार आचमन करके आसन …
Post Views: 304 इस कवच के करन्यास एवं हृदयादिन्यास में “अञ्जनीसुतगर्भाय” और किसी प्रति में “अञ्जनीगर्भाय” पाठ मिलता है । जो अर्थ की दृष्टि से …
Post Views: 220 स्नान करने के पश्चात् द्विज को समयानुसार संध्या में प्रवृत्त होना चाहिए । सन्ध्या नित्य कर्म है । यदि समय स्वल्प हो …
Post Views: 454 यदि ग्रहण में रुद्राष्टक सिद्ध कर लिया जाय तो इसका प्रभाव तत्काल देखने को मिलता है । ग्रहण शुरु होने के पहले …
