Post Views: 14 स्वज्ञप्त्यधीनज्ञप्त्यधीनज्ञप्तिकत्वम् अन्योन्याश्रयत्वम्। स्वपद से हलन्त्यम् को पकड़ें। हलन्त्यम् ज्ञप्ति के अधीन ज्ञप्ति आदिरन्त्येन सहेता की है। और पुनः उसकी ज्ञप्ति के अधीन …
Category: vyakaran
Post Views: 7 लघुसिद्धांतकौमुदी, भ्वादिप्रकरण, तिङादि प्रत्याहार परस्मैपद आत्मनेपद सार्वधातुकादि संज्ञाओं का निरूपण Acharya Siyaramdas Naiyayik
Post Views: 8 भ्वादि १०गणों एवं १० लकारों का विशद परिचय Laghu Siddhant Kaumudi Acharya Siyaramdas Naiyayik
