आबालगोपविदिता, भगवती का वैभव

Post Views: 3 आबालगोपविदिता= बालादारभ्यगोपपर्यंतं सर्वै: मूर्खपामरादिजनैर्विदिता। सर्वोपास्येत्यर्थ:। भगवती त्रिपुरसुन्दरी केवल षोढान्यासादिमर्मज्ञ विद्वानों की ही समाराध्या नहीं हैं अपितु बच्चों से लेकर साधारण गोप अर्थात् …