अध्याय -५४, त्रिपुष्कर तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 32 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥   महर्षि पुलस्त्य महाराज ययाति से बोले–    ॥ ततस्त्रिपुष्करं गच्छेदभीष्टं पद्मजस्य च ।।  ब्रह्मणा तत्समानीतं पर्वतेऽर्बुदसंज्ञके ॥ …