Post Views: 183 हे आंजनेय हे पवनपुत्र हे महाबली करुणानिधान । हे अक्षविजेता महाशूर हे महादेव शतकोटि भान ।। हे प्रलयंकर रघुवरकिंकर हे महातेज गन्धर्वगान …
Month: March 2019
Post Views: 54 जब रावण ने देखा कि हमारी पराजय निश्चित है तो उसने १००० अमर राक्षसों को बुलाकर रणभूमि में भेजने का आदेश …
Post Views: 327 हनुमान जी की उपासना से प्रमुख देवों की उपासना स्वयं सिद्ध अगस्त्यसंहिता के अनुसार हनुमान् जी का एकादशमुखस्वरूप –आचार्य सियारामदास नैयायिक एकमात्र …
Post Views: 358 हनुमान चालीसा में ४० संख्या का रहस्य इसमें 40 चौपाइयां हैं । सभी चालीसा इसी के बाद भिन्न भिन्न देवी देवताओं के …
Post Views: 520 ब्रह्मगायत्री मन्त्र का सप्रमाण विशद अर्थ “ॐ भूर्भुवः स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् “ जप के पूर्ण …
Post Views: 583 हनुमानजी के १२ नामों के विविध प्रयोग और उनके चामत्कारिक लाभ हनुमानजी के १२ नामों के विविध प्रयोग और उनके चामत्कारिक लाभ-आचार्य …
Post Views: 59 न तस्य प्रतिमाSस्ति का रहस्यार्थ एवं वेदों में मूर्तिपूजा का सप्रमाणविवेचन ऋग्वेद के अष्टम मण्डल में मूर्तिपूजा का उल्लेख इस प्रकार हुआ …
Post Views: 82 महाभारत की माधवी पृथिवी है कोई महिला नहीं -एक सप्रमाण विवेचन महाभारत के उद्योगपर्व में चर्चा आयी है कि विश्वामित्र जी की …
Post Views: 77 यह तो सभी जानते हैं कि हनुमान जी चिरंजीवी हैं। वे हर युग में पृथ्वी पर रहते हैं। वे सतयुग में भी …
Post Views: 137 शब्द शास्त्र के अनुसार तन्त्र शब्द ‘तन’ धातु से बना है जिसका अर्थ है विस्तार। शैव सिद्धान्त’ के ‘कायिक आगम’ में इसका …
Post Views: 107 ब्रह्म को जहाँ सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापी और निर्विकार कहा जाता है वहाँ उसे मूढ़ भी कहा जाता है। मूढ़ का अर्थ है अज्ञानी …
Post Views: 1,777 मूलाधार-चक्र ======== मूलाधार-चक्र वह चक्र है जहाँ पर शरीर का संचालन वाली कुण्डलिनी-शक्ति से युक्त ‘मूल’ आधारित अथवा स्थित है। यह चक्र …
Post Views: 4,674 शत्रुबाधा नौकरी ग्रहदोष के लिए बजरंग बाण का अचूक प्रयोग श्रीरामः शरणं मम बजरंग बाण बजरंग बाण का पाठ रात्रि ११ बजे …
Post Views: 29 माता लक्ष्मी ने रक्षाबंधन की परंपरा चलायी ऐसे हुई थी रक्षाबंधन की शुरुआत, माता लक्ष्मी ने बांधी थी बलि को राखी रक्षाबंधन …
