अध्याय -५०,कोटितीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 10 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले– ॥ कोटितीर्थं ततो गच्छेत् सर्वपातकनाशनम् ॥ तीर्थानां यत्र संजाता कोटिः पार्थिव हेलया ॥१॥ हे राजन्! …

अध्याय -५६, गुहेश्वर तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 29 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥    महर्षि पुलस्त्य राजा ययाति से बोले–    ॥ ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ गुहेश्वरमनुत्तमम् ॥  गुहामध्ये गतं लिङ्गं सिद्धेः संपूजितं …

अध्याय –५५, रुद्रह्रद तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 18  ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  महर्षि पुलस्त्य बोले–  ॥ ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ पुण्यं रुद्रह्रदं शुभम् ॥  यत्र स्नातो नरो भक्त्या गणाधीशत्वमाप्नुयात् ॥१॥ हे महाराज! …

अध्याय -५४, त्रिपुष्कर तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 32 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥   महर्षि पुलस्त्य महाराज ययाति से बोले–    ॥ ततस्त्रिपुष्करं गच्छेदभीष्टं पद्मजस्य च ।।  ब्रह्मणा तत्समानीतं पर्वतेऽर्बुदसंज्ञके ॥ …

पदकृत्यसहित तर्कसंग्रह का लाइव व्याख्यान, मंगलाचरण

Post Views: 4 सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ मन्दिर जगद्गुरु श्रीरामानन्दाचार्यपीठ, नक्की लेक, सिरोही, राजस्थान की मुख्य गादी से श्रीमहंत आचार्य सियारामदास नैयायिक वैष्णवाचार्य जी महाराज के द्वारा …

अध्याय-५३, ब्रह्मपद के प्राकट्य का माहात्म्य

Post Views: 25 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  महर्षि पुलस्त्य बोले–   ॥ ततो गच्छेद् ब्रह्मपदं तीर्थं त्रैलोक्यविश्रुतम् ।।  यत्र पूर्वं पदं न्यस्तं ब्रह्मणा लोककारिणा ॥ …

हनुमत्सहस्रनामस्तोत्रम्, Hanumat Sahasra Name Stotram

Post Views: 137 हनुमत्सहस्रनाम स्तोत्र के पाठ से शत्रुनाश, संपत्ति प्राप्ति एवम् परकृत मारण,मोहन, उच्चाटन आदि अभिचार कर्मों का विनाश होता है। एक साधक को …