Post Views: 887 एकादशमुख हनुमत्कवच के पुरश्चरण की विधि- इस कवच के ४०००० पाठ का विधान है जो “चत्वारिंशत्सहस्राणि पठेच्छुद्धात्मना नरः” श्लोक में लिखा है …
Post Views: 887 एकादशमुख हनुमत्कवच के पुरश्चरण की विधि- इस कवच के ४०००० पाठ का विधान है जो “चत्वारिंशत्सहस्राणि पठेच्छुद्धात्मना नरः” श्लोक में लिखा है …
Post Views: 144 धनं धान्यं पशून् पुत्रान् दारा: सर्वसुखानि च । समेभ्य: सर्वदा दद्यात्, इन्दिरा दीपमालिका ।। धन, धान्य, पशु, पुत्र, पत्नी और सम्पूर्ण सुख …
Post Views: 1,192 वेदों में मूर्तिपूजा का सप्रमाणविवेचन ऋग्वेद के अष्टम मण्डल में मूर्तिपूजा का उल्लेख इस प्रकार हुआ है- “अर्चत प्रार्चत प्रियमेधासो अर्चत । …
Post Views: 282 भगवानरामसृष्टिकेकण–कणमेंसमाएहैं।हरविज्ञान, विद्याऔरकलामेंउनकीहीमौजूदगीहै।गणितभीऐसाहीएकविषयहै।वास्तवमेंगणितसत्यकीखोजपरआधारितज्ञानकीशाखाहै।गणितमेंमनुष्यसत्यकोतलाशताहैऔरदुनियामेंपरमसत्यको।सत्यऔरपरमसत्यतोश्रीरामहीहैं।एकरोचकगणितीयपहेलीबतातीहैकिहरनाममेंश्रीरामसमाएहैंऔरयहबातसिद्धभीकीजासकतीहै।यहसांकेतिकरूपसेकहतीहै– नामकेअक्षरवेदगुनेकरिफेरिजतनसोंतत्वमिलावे।तत्वमिलायकेदूनेकरेफिरवामेवसुकोभागलगावे।भागलगायजोशेषबचेदोहरनाममेंरामकोवासबतावे।जिसकेनिशिदनजापकरनतेमनुआंमनवांछितफलपावे।अर्थआपकोईभीनामलें।मानाआपनेनामलिया– दीपक।नामकेपूर्णअक्षरलें।दीपकमें3 अक्षरहैं।इस3 कावेदगुनायानीचारगुनाकरें।चारगुना12 हुआ।अबइसमें5 तत्वमिलाएं।इसकायोग17 हुआ।तत्वमिलाकरदूनेकरें।अबइसकामान34 होगा।फिरइसमेंवसुयानी8 काभागलगाएं। 8 का34 मेंभागदेनेपर2 बचतेहैं।ये2 अक्षरभगवानरामकाप्रतीकहैं।इसप्रकारआपकिसीभीनामकेपूर्णअक्षरलेकरदेखें, सबमेंआपकोभगवानरामकेदर्शनहोंगे। केएलविजय Acharya Siyaramdas Naiyayik
Post Views: 2,132 लोग आक्षेप करते हैं कि शूद्रों के कान में शीसा पिघलाकर डालने की बात शास्त्रों में क्यों कहीं गयी ?? जहां तक …
Post Views: 714 लंका में श्रीराम का युद्धारम्भ एवं युद्धदिवस की गणना लंका में श्रीराम ने युद्ध कब आरम्भ किया और कितने दिन चला ? …
Post Views: 244 Acharya Siyaramdas Naiyayik
Post Views: 130 वस्तुस्थिति यही है कि आज के युग में सन्त दुर्लभ हैं । पर भागवत माहात्म्य देखें कि लोकस्रष्टा ब्रह्मा जी के पुत्र, अव्याहतगति, …
Post Views: 1,193 राममन्त्र के पुरश्चरण में अनिवार्य नियम “सनकाद्या मुनयो हनुमन्तं पप्रच्छु: ।—रामकार्यधुरन्धर: ।”–रामरहस्योपनिषद्, चतुर्थ अध्याय सनकादि मुनियों ने हनुमान् जी से राममन्त्रों के …
Post Views: 232 पुरी शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी श्रीनिश्चलानन्द जी महाराज के श्रीमुख से प्रवहमान कृपोपदेश का रसास्वादन Acharya Siyaramdas Naiyayik
Post Views: 46 Acharya Siyaramdas Naiyayik