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Post Views: 86आज प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ । जिनमें पंचांग कर्म सम्पन्न हुए ।कुछ छवियाँ अंकित हैं । Acharya Siyaramdas Naiyayik
Post Views: 390 ॐ क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम् | अभूतिमसमृद्धिं मे सर्वां निर्णुद मे गृहात् ||8|| व्याख्या—भक्त को अपने भूख प्यास ,सुखादि-संसाधनों के अभाव को दूर …
Post Views: 384 क्या भगवान कृष्ण बकरी चराते थे ?यदि नही तो “अजा गावो महिष्यश्च “ में अजा का अर्थ बकरी गीता प्रेस के भागवत हिन्दी …
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Post Views: 82नारी का क्या महत्त्व है यह आज का मानव भूल गया है ,किसी की मर्यादा कोई मर्यादित व्यक्ति ही समझ सकता है । …
Post Views: 281 किसी वाक्य के विपरीत अर्थ की कल्पना करके प्रयोक्ता के वाक्य का विरोध छल कहा जाता है– “वचनविघातोSर्थविकल्पोपत्त्या छलम् “–न्यायदर्शन, अध्याय-१, आह्निक-२, सूत्र-१०, …
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Post Views: 183मुक्तों से प्राप्य प्रभु के दिव्य धाम का उल्लेख “यद्गत्वा न निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम” (जहाँ जाकर प्राणी नहीं लौटता वही मेरा परम …
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Post Views: 90सभी पवित्रतायें व्यर्थ हैं यदि धन का उपार्जन शुद्धता से नहीं किया गया — “सर्वेषामेव शौचानामर्थशौचं परं स्मृतम् । योSर्थे शुचिर्हि स शुचिर्न …
Post Views: 1,083 सप्तशती पाठ कैसे करें ? क्योंकि वह कीलित है । –यहाँ जो विशेष ग्रन्थ और साधकों के अनुभव हैं–उनके आधार पर लिखा …
Post Views: 172विप्र–मौलवी और पादरी साहब आप दोनों तो खुदा और ईशा से मिलने गये थे । यहां थे ही नहीं । तो मैं कैसे …