Post Views: 190 श्रीसूक्त – भूमिका यह सूक्त 15 ऋचाओं का है । इसके पाठ एवं सविधि हवन से धन,सम्पत्ति की प्राप्ति के साथ ही श्रीसूक्त …
Post Views: 351 ब्रह्मदण्ड ब्रह्मदण्ड की चर्चा श्रीमद्वाल्मीकि रामायण के बालकाण्ड 56वें सर्ग में आयी है कि विश्वामित्र के आग्नेय पाशुपत आदि अस्त्रों यहां तक …
Post Views: 46 कालयवन से भगवान् कृष्ण की रणविमुखता में कारण- सर्वसमर्थ भगवान् श्रीकृष्ण कालयवन से युद्ध न करके क्यों भगे ? इस प्रश्न का …
Post Views: 206 गौ- घृत से अद्भुत लाभ हम अगर गोरस का बखान करते करते मर जाए तो भी कुछ अंग्रेजी सभ्यता वाले हमारी बात …
Post Views: 610 रुक्मिणी जी का प्रेमपत्र रुक्मिणी जी ने भगवान् श्रीकृष्ण को एक प्रेमपत्र भेजा जिसकी चर्चा भागवत दशम स्कन्ध में है । यदि …
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Post Views: 234 राम नाम विष्णुसहस्रनाम के समान फलप्रद कैसे ? भगवान् राम के ” राम ” नाम को विष्णुसहस्रनाम के तुल्य कहा गया है …
Post Views: 112 जाति जन्मना ही है ,कर्मणा नही–शास्त्रीय प्रमाण वृत्रासुर यदि असुर था तो उसे मारने पर देवेन्द्र को ब्रह्म ह्त्या क्यों लगी ? …
Post Views: 51 दीपावली को दीपदान विशेष लाभ के लिए कैसे करें ? कार्तिक मास में विशेषकर आज दीपावली को दीपदान का बड़ा महत्त्व है …
Post Views: 126 सकृदेव प्रपन्नाय तवास्मीति च याचते । अभयं सर्वभूतेभ्यो ददाम्येतद् व्रतं मम ।। …
Post Views: 36 महर्षि वाल्मीकि को श्रीरामचरित का संक्षेप में उपदेश करने वाले ब्रह्मपुत्रदेवर्षि नारद ने सुतीक्ष्ण अगस्त्य शरभंग आदि महर्षियों के आश्रम पर राघव …
Post Views: 68 नारी का क्या महत्त्व है यह आज का मानव भूल गया है ,किसी की मर्यादा कोई मर्यादित व्यक्ति ही समझ सकता है …
Post Views: 237 किसी वाक्य के विपरीत अर्थ की कल्पना करके प्रयोक्ता के वाक्य का विरोध छल कहा जाता है– “वचनविघातोSर्थविकल्पोपत्त्या छलम् “–न्यायदर्शन, अध्याय-१, आह्निक-२, …
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