होलिका पर्व : महाराज रघु और ढूँढा राक्षसी

Post Views: 202 ।।महाराज रघु और ढूँढा राक्षसी।। भविष्यपुराण के उत्तरपर्व के १३२वें अध्याय में फाल्गुन पूर्णिमाव्रत की कथा का वर्णन आया है। भगवान श्रीकृष्ण …

समाप्तपुनरातत्त्व दोष

Post Views: 72 समाप्त पुनरातत्व काव्य का दोष है | साहित्य दर्पणकार ने ” नाशयन्तो घनध्वान्तं तापयन्तो वियोगिनः | पतन्ति शशिनः पादाः भासयन्तः क्षमातलम् “|| …

शबरीकृत पूजा सर्वश्रेष्ठ

Post Views: 43 शबरीकृत पूजा सर्वश्रेष्ठ महर्षि वाल्मीकि को श्रीरामचरित का संक्षेप में उपदेश करने वाले ब्रह्मपुत्रदेवर्षि नारद ने सुतीक्ष्ण अगस्त्य शरभंग आदि महर्षियों के …

दशहरे का आध्यात्मिक रहस्य एवं विजयदशमी को रावणवध में शास्त्रसाक्ष्य

Post Views: 232 दशहरे का आध्यात्मिक रहस्य   दशहरा विजयदशमी को मनाया जाता है । सम्पूर्ण विश्व में इस पर्व की बड़ी महिमा है । …

लक्ष्मी और सरस्वती की परमाश्रया पराम्बा भगवती कात्यायनी

Post Views: 89 लक्ष्मी और सरस्वती की परमाश्रया पराम्बा भगवती कात्यायनी   “षष्ठं कात्यायनीति च” प्राकट्य – नवरात्र के छठे दिन सद्यः फलदायिनी मां ‘कात्यायनी’ …

ब्रह्मविद् और महावीरों की जन्मदात्री भगवती स्कन्दमाता

Post Views: 25 “ब्रह्मविद् और महावीरों की जन्मदात्री भगवती स्कन्दमाता”   देवर्षि नारद को आत्मतत्त्व का उपदेश करने वाले भगवान् सनत्कुमार को “स्कन्द” कहा गया …

स्कन्दमाता –भगवती दुर्गा का पांचवां स्वरूप

Post Views: 34 स्कन्दमाता –भगवती दुर्गा का पांचवां स्वरूप  देवर्षि नारद को आत्मतत्त्व का उपदेश करने वाले भगवान् सनत्कुमार को ” स्कन्द ” कहा गया …

भगवती कूष्माण्डा

Post Views: 48 उत्पत्तिपालनप्रलयकारिणी पराम्बा भगवती “कूष्माण्डा”   “कूष्माण्डेति चतुर्थकम्” ़ भगवती दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप “़कूष्माण्डा” देवी कहते हैं । इनकी आठ भुजाएं हैं …

आह्लादकारिणी तृतीय महाशक्ति भगवती माँ चन्द्रघण्टा

Post Views: 49 “आह्लादकारिणी तृतीय महाशक्ति भगवती माँ चन्द्रघण्टा” माँ चन्द्रघण्टा जगज्जननी भगवती दुर्गा की तृतीय शक्ति का नाम चन्द्रघण्टा है । नवरात्र के तीसरे …

द्वितीयस्वरूप वन्दनीया भगवती माँ ब्रह्मचारिणी

Post Views: 37 द्वितीयस्वरूप वन्दनीया भगवती माँ ब्रह्मचारिणी भगवती दुर्गा की नौ शक्तियों में दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। ब्रह्म का अर्थ है, तपस्या–”वेदस्तत्त्वं तपो …

तारा द्वारा बालि के समक्ष श्रीराम के तेज और बल का वर्णन

Post Views: 56 जब सुग्रीव दूसरी बार बालि से युद्ध करने गए तो उनकी भीषण गर्जना से क्रुद्ध शक्रसुत युद्ध हेतु निकला | उस समय …