Post Views: 187 अर्थवाद –जिन वाक्यों के द्वारा विधेय वस्तु की स्तुति की जाती है | उन्हें अर्थवाद कहा जाता है | ये वाक्य ३ …
Post Views: 61 धर्म उसे कहते हैं जिससे किसी समाज राष्ट्र या समग्र विश्व को धारण किया जाता है –धरति मानवं –समाजं-राष्ट्रं –समग्रं विश्वं …
Post Views: 41 “ॐ” का प्रयोग क्योँ और इसकी वैज्ञानिकता क्या? ॐ का वैज्ञानिक महत्त्व आइंसटाइन यही कह कर गए हैं कि ब्राह्मांड फैल रहा …
Post Views: 92 पुरुषसूक्त, मन्त्र-१६ की विशद हिन्दी व्याख्या -आचार्य सियारामदास नैयायिक यज्ञेन यज्ञमयजन्त देवास्तानि धर्माणि प्रथमान्यासन् । ते ह नाकं महिमानः सचन्त यत्र पूर्वे …
Post Views: 73 पुरुषसूक्त, मन्त्र-१५ की विशद हिन्दी व्याख्या-आचार्य सियारामदास नैयायिक सप्तास्यासन् परिधयस्त्रिः सप्त समिधः कृताः । देवा यद्यज्ञं तन्वाना अबध्नन् पुरुषं पशुम् ||१५|| …
Post Views: 35 पुरुषसूक्त, मन्त्र १४ की विशद हिन्दी व्याख्या यत्पुरुषेण हविषा देवा यज्ञमतन्वत । वसन्तोऽस्यासीदाज्यं ग्रीष्म इध्मः शरद्धविः।।१४।। पूर्व मन्त्र में हम सभी जीवों …
Post Views: 45 पुरुषसूक्त,मन्त्र-१३ की विशद हिन्दी व्याख्या–आचार्य सियारामदास नैयायिक नाभ्या आसीदन्तरिक्षं शीर्ष्णोर्द्योः समवर्तत । पद्भ्यां भूमिर्दिशः श्रोत्रात्तथा लोकानकल्पयन्।।13।। इसके पूर्व मन्त्र में हम …
Post Views: 39 पुरुषसूक्त, मन्त्र-१२ की विशद हिन्दी व्याख्या–आचार्य सियारामदास नैयायिक चन्द्रमा मनसो जातश्चक्षोः सूर्यो अजायत । श्रोत्राद्वायुश्च प्राणश्च मुखादग्निरजायत ।।12।। पूर्व मन्त्र में आत्मनिवेदनभक्तिरूप …
Post Views: 86 पुरुषसूक्त,मन्त्र-११की विशद हिन्दी व्याख्य़ा ब्राह्मणोऽस्य मुखमासीद् बाहू राजन्यः कृतः । ऊरू तदस्य यद्वैश्यः पद्भ्यां शूद्रो अजायत ।। 11।। …
Post Views: 105 पुरुषसूक्त-मन्त्र १० की विशद हिन्दी व्याख्या यत् पुरुषं व्यदधुः कतिधा व्यकल्पयन्। मुखं किमस्यासीत् किं बाहू किमूरू पादा उच्येते ।।१०।। पूर्व मन्त्र …
Post Views: 26 पुरुषसूक्त, मन्त्र-९ की विशद हिन्दी व्याख्या तं यज्ञं बर्हिषि प्रौक्षन् पुरुषं जातमग्रतः । तेन देवा अयजन्त साध्या ऋषयश्च ये ।। 9 .. …
Post Views: 32 पुरुषसूक्त, मन्त्र-८ की विशद हिन्दी व्याख्या तस्मादश्वा अजायन्त ये के चोभयादतः । गावो ह जज्ञिरे तस्मात्तस्माज्जाता …
Post Views: 69 पुरुषसूक्त, मन्त्र-७ की विशद हिन्दी व्याख्या तस्माद्यज्ञात् सर्वहुत ऋचः सामानि जज्ञिरे । छन्दांसि जज्ञिरे तस्माद्यजुस्तस्मादजायत ।। 7 .. पूर्व मन्त्र की …
Post Views: 57 पुरुषसूक्त, मन्त्र-६ की विशद हिन्दी व्याख्या तस्माद्यज्ञात्सर्वहुतः संभृतं पृषदाज्यम् । पशूँस्ताँश्चक्रे वायव्या नारण्या ग्राम्याश्च ये ।।६।। पूर्व मन्त्र में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड, चतुर्मुख …
