Post Views: 86 दयानन्दीय भ्रान्तिगिरि-भङ्ग, पृष्ठ-८ स्वामी दयानन्द—ब्राह्मणग्रन्थ वेद के व्याख्यान हैं पर वेद नही—“ ब्राह्मणानि तु वेदाख्यानान्येव सन्ति, नैव वेदाख्यानानि “-ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका, पृष्ठ-८६, समाधान—आचार्य सियारामदास …
Post Views: 76 दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि –भङ्ग,पृष्ठ ४ वेद के भाग मन्त्र और ब्राह्मण , महर्षि आपस्तम्ब और कात्यायन से समर्थित ब्राह्मण भाग हमारे वैदिक धर्म में सदा …
Post Views: 53 विवाह में 7 फेरे ( भांवर )केवल भ्रममात्र है आज कल विवाह में कहीं तो 7 फेरों का प्रचलन है तो कहीं …
Post Views: 70 उपनयन के विना वेदाध्ययन नहीं वेदाध्ययन करने के लिए उपनयन अनिवार्य है । उपनयन किसका वेदसम्मत है? –यह निर्णीत होते ही वेदाध्ययन …
Post Views: 55 गुरु का महत्त्व और गुरु को शिष्यकृतपापप्रसक्ति हमारे शास्त्रों में गुरु के महत्त्व को बतलाते हुए कहा गया है कि “ आचार्यवान् …
Post Views: 440 ब्रह्मगायत्री पर हुए आक्षेपों का उत्तर और आक्षेप्ताओं को चेलेंज़ -आचार्य सियारामदास नैयायिक ब्रह्मगायत्री की अपार महिमा किसी से तिरोहित नहीं है …
Post Views: 56 पुरुषसूक्त मन्त्र-१ की विशद हिन्दी व्याख्या “पुरुषसूक्त” मन्त्र-१ की विशद हिन्दी व्याख्या–आचार्य सियारामदास नैयायिक हरिः ओम् सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् । स …
Post Views: 41 पुरुषसूक्त मन्त्र-२ की व्याख्या पुरुषसूक्त मन्त्र-२ की विशद हिन्दी व्याख्या –आचार्य सियारामदास नैयायिक पुरुष एवेदं सर्वं यद्भूतं यच्च भाव्यम् । उतामृतत्वस्येशानो यदन्नेनातिरोहति …
Post Views: 43 पुरुषसूक्त मन्त्र-३ की विशद हिन्दी व्याख्या भगवान् का वैभव –आचार्य सियारामदास नैयायिक एतावानस्य महिमातो ज्यायांश्च पूरुषः । पादोऽस्य विश्वाभूतानि त्रिपादस्यामृतं दिवि ।।३।। …
Post Views: 45 पुरुषसूक्त,मन्त्र-४ की विशद हिन्दी व्याख्या भगवान् के द्वारा जंगम और स््थावर की सृष्टि–आचार्य सियारामदास नैयायिक त्रिपादूर्ध्व उदैत् पुरुषः पादोऽस्येहाभवत्पुनः । ततो विष्वड़् …
Post Views: 38 पुरुषसूक्त, मन्त्र-५ की विशद हिन्दी व्याख्या पंचीकरणप्रक्रिया का सुस्पष्ट वर्णन–आचार्य सियारामदास नैयायिक ततो विराडजायत विराजो अधि पूरुषः । स जातो अत्यरिच्यत पश्चाद्भूमिमथो …
Post Views: 57 दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि-भङ्ग,पृष्ठ-५, स्वामी दयानन्द जी का तर्क है कि “ द्वितीया ब्राह्मणे ”-२/३/६०, और “ चतुर्थ्यर्थे बहुलं छन्दसि ”-२/३/६२, इन सूत्रों में वेद …
Post Views: 60 वेद के भाग मन्त्र ओर ब्राह्मणग्रन्थ , दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि-भङ्ग,पृष्ठ ३ मन्त्र और ब्राह्मणभाग ये दोनों वेद कहे जाते है—इसका खण्डन स्वामी दयानन्द जी …
Post Views: 299 वेदों के भाग मन्त्र और ब्राह्मण, दयानन्दीयभ्रान्तिगिरि–भंग वैदिक सनातन धर्म में मन्त्र और ब्राह्मण इन दोनों को “ वेद ”-नाम से कहा …
