दीपावली का आध्यात्मिक तात्पर्य
आप सभी मित्रों को दीपावली की शुभकामनायें ।
आज हम स्वयं प्रकाश ज्ञानदीप की मालाओं से जीवन के प्रत्येक बिन्दुओं को आलोकित करने का संकल्प लेते हैं
“ज्ञानदीपेन भास्वता” इस गीतोक्ति के अनुसार जाज्वल्यमान ज्ञानदीप से हृदयरूपी गुहा में चिरकाल से बैठे हुए उस अज्ञानरूपी अन्धकार को नष्ट करेंगे जहां लौकिक प्रकाश सूर्य आदि की कोई गति नही है ।
इसी प्रकाश की उपलब्धि के लिए योगियों का कुण्डलिनी-जागरण, भक्तों का भगवत्साक्षात्कार, कर्मकाण्डियों का निष्काम कर्म, वेदान्तियों का निदिध्यासन और संन्यासियों का सन्न्यास आश्रम है । अधिक क्या इसी ज्ञान रूपी प्रकाश की प्राप्ति में समग्र सृष्टि का उद्देश्य निहित है ।
जय श्रीराम
#आचार्यसियारामदासनैयायिक

Gaurav Sharma, Haridwar
