Post Views: 40 ईशावास्योपनिषद्,मन्त्र-६,ब्रह्ममय दर्शन का फल यस्तु सर्वाणि भूतान्यात्मन्येवानुपश्यति । सर्वभूतेषु चात्मानं ततो न विजुगुप्सते ।।6।। पूर्वमन्त्र में बतलाया गया कि परमात्मा सभी वस्तुओं …
Post Views: 27 ईशावास्योपनिषद्,मन्त्र ५ ब्रह्म की विचित्र शक्तिमत्ता तदेजति तन्नैजति तद्दूरे तद्वन्तिके । तदन्तरस्य सर्वस्य तदु सर्वस्य बाह्यतः ।। 5 .. येनाक्षरं पुरुषं वेद …
Post Views: 43 ईशावास्योपनिषद्, मन्त्र-4,परमात्मा की विलक्षण शक्तिमत्ता “अनेजदेकं मनसो जवीयो नैनद्देवा आप्नुवन् पूर्वमर्षत् । तद्धावतोऽन्यानत्येति तिष्ठत्तस्मिन्नपो मातरिश्वा दधाति ।।४।।” पूर्व मन्त्र में निष्काम कर्मयोग …
Post Views: 45 ईशावास्योपनिषद्,मन्त्र-3,निष्काम कर्मयोग की अवहेलना से हानि असुर्या नाम ते लोका अन्धेन तमसावृताः । तांस्ते प्रेत्याभिगच्छन्ति ये के चात्महना जनाः ।।३ ।। पूर्वमन्त्र …
Post Views: 71 ईशावास्योपनिषद्, मन्त्र-२,मोक्षोपकारक निष्काम कर्मयोग कुर्वन्नेवेह कर्माणि जिजीविषेच्छतं समाः । एवं त्वयि नान्यथेतोस्ति न कर्म लिप्यते नरे ।।२।। पूर्व मन्त्र से भगवान सबमें …
Post Views: 164 ईशावास्योपनिषद् में १८ मन्त्र हैं । जिनमें जीवात्मा और परमात्मा के स्वरूप पर प्रकाश डालने के साथ ही हमारा क्या कर्तव्य है …
Post Views: 14 दीपावली का आध्यात्मिक तात्पर्य आप सभी मित्रों को दीपावली की शुभकामनायें । आज हम स्वयं प्रकाश ज्ञानदीप की मालाओं से जीवन के …
Post Views: 26 दीपावली पर दीपकों द्वारा श्रीराम के स्वागत हेतु चन्द्र का प्रतिनिधित्व आज के ही दिन श्रीराम राक्षसी अत्याचारों का समूल विनाश करके …
Post Views: 18 नरक चतुर्दसी और काली चौदश दीपावली के एक दिन पूर्व नरक चतुर्दशी आती है । इसको काली चौदस भी कहते हैं । …
Post Views: 34 नारी का क्या महत्त्व है यह आज का मानव भूल गया है ,किसी की मर्यादा कोई मर्यादित व्यक्ति ही समझ सकता है …
Post Views: 393 मानिषादप्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः । यत्कौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ।। मानिषादप्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः । यत्कौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ।। महर्षि वाल्मीकि के मुख से सर्वप्रथम …
Post Views: 181 हे आंजनेय हे पवनपुत्र हे महाबली करुणानिधान । हे अक्षविजेता महाशूर हे महादेव शतकोटि भान ।। हे प्रलयंकर रघुवरकिंकर हे महातेज गन्धर्वगान …
Post Views: 54 जब रावण ने देखा कि हमारी पराजय निश्चित है तो उसने १००० अमर राक्षसों को बुलाकर रणभूमि में भेजने का आदेश …
Post Views: 315 हनुमान जी की उपासना से प्रमुख देवों की उपासना स्वयं सिद्ध अगस्त्यसंहिता के अनुसार हनुमान् जी का एकादशमुखस्वरूप –आचार्य सियारामदास नैयायिक एकमात्र …
