Post Views: 10 रघुनाथ मन्दिर,जगद्गुरु श्रीरामानन्दाचार्य पीठ,आबू के छठें अभिषेकमहोत्सव में साधु सन्त महान्तों द्वारा आचार्य सियारामदास नैयायिक वैष्णवाचार्य जी का सम्मान एवम् उद्बोधन
Post Views: 18 न्याय सिद्धान्त मुक्तावली, द्रव्यादि पंच भाव पदार्थों एवं गुणादि के साधर्म्य का निरूपण,घटत्व, आकाशत्व तथा सामान्य आदि में दोषाप्रसक्ति
Post Views: 26 श्रीमद्भगवद्गीता का द्वितीय अध्याय, मोह ग्रस्त अर्जुन को भगवान् द्वारा आत्मा की नित्यता का उपदेश Shrimad Bhagvad geeta Ka Dvitiya Adhyaya
Post Views: 17 स्वसम्प्रदायाचार्यविषयकभ्रमभूधरभंग भ्रमभूधरभंगकर्ता- आचार्य सियारामदास नैयायिक वैष्णवाचार्य श्रीलोकाचार्य जी ने साक्षात् आचार्य को परिभाषित करने के लिए यह सूत्र लिखा है- ‘साक्षादाचार्य इत्युच्यते …
Post Views: 18 https://in.docworkspace.com/d/sIDWmmIPPAb_r56QG?sa=601.1074 https://in.docworkspace.com/d/sIOummIPPAauo-ccG?sa=601.1074 एकादशमुखिहनुमत्कवचम् रुद्रयामलोक्तम् की पाण्डुलिपियां
Post Views: 30 https://in.docworkspace.com/d/sIAqmmIPPAePUmKoG?sa=601.1074 यह रामवर्म अतिगोपनीय है। इसके पाठ से आशातीत लाभ होता है। विना विधि जाने किया हुआ पाठ अधिक लाभ नहीं दे …
Post Views: 8 लघुसिद्धांतकौमुदी, भ्वादिप्रकरण, तिङादि प्रत्याहार परस्मैपद आत्मनेपद सार्वधातुकादि संज्ञाओं का निरूपण
Post Views: 11 भ्वादि १०गणों एवं १० लकारों का विशद परिचय Laghu Siddhant Kaumudi
Post Views: 15 सूत जी यज्ञकुण्ड से समुत्पन्न होने के कारण शूद्र नहीं थे । अग्नि को वेदों में ब्राह्मण कहा गया है । अतएव …
Post Views: 26 https://youtu.be/CKFs_aiSrNQ?si=aaectCc1k2bnoqNQ शास्त्रार्थ:– लक्षणस्य किं लक्षणम्? अव्याप्त्यतिव्याप्त्यसम्भवलक्षणपरिष्कार:। पूर्वपक्षोत्तरपक्षौ।
Post Views: 29 इस वीडियो में हरिनारायण तिवारी के ” एतया निषादस्थपतिं याजयेत्” इस श्रौतवचन में अर्थविषयक महाभ्रम का ढंग किया गया है।
Post Views: 23 इस वीडियो में निग्रहाचार्य भागवतानन्द जी के अनेक भ्रम का भंजन किया गया है–
Post Views: 20 आक्षेप श्रीमान् नैयायिक जी ने अपने लेख में चौदह या पन्द्रह बार ‘नारायणमन्त्र’ के ऊपर आक्षेप करने के लिए नारायणमन्त्र कहा है …
Post Views: 13 श्रीरामकृष्णादिमन्त्रों के निन्दापरक श्रीवचनभूषणकार के कथन की समीक्षा” लेख की आपत्तियां पूर्ववत् गर्ज रही हैं। श्रीरामानुजीय विद्वान् प्रो•श्रीकमलाकान्त त्रिपाठी जी के लेख …
