Post Views: 883 एकादशमुख हनुमत्कवच के पुरश्चरण की विधि- इस कवच के ४०००० पाठ का विधान है जो “चत्वारिंशत्सहस्राणि पठेच्छुद्धात्मना नरः” श्लोक में लिखा है …
Post Views: 883 एकादशमुख हनुमत्कवच के पुरश्चरण की विधि- इस कवच के ४०००० पाठ का विधान है जो “चत्वारिंशत्सहस्राणि पठेच्छुद्धात्मना नरः” श्लोक में लिखा है …
Post Views: 144 धनं धान्यं पशून् पुत्रान् दारा: सर्वसुखानि च । समेभ्य: सर्वदा दद्यात्, इन्दिरा दीपमालिका ।। धन, धान्य, पशु, पुत्र, पत्नी और सम्पूर्ण सुख …
Post Views: 1,177 वेदों में मूर्तिपूजा का सप्रमाणविवेचन ऋग्वेद के अष्टम मण्डल में मूर्तिपूजा का उल्लेख इस प्रकार हुआ है- “अर्चत प्रार्चत प्रियमेधासो अर्चत । …
Post Views: 278 भगवानरामसृष्टिकेकण–कणमेंसमाएहैं।हरविज्ञान, विद्याऔरकलामेंउनकीहीमौजूदगीहै।गणितभीऐसाहीएकविषयहै।वास्तवमेंगणितसत्यकीखोजपरआधारितज्ञानकीशाखाहै।गणितमेंमनुष्यसत्यकोतलाशताहैऔरदुनियामेंपरमसत्यको।सत्यऔरपरमसत्यतोश्रीरामहीहैं।एकरोचकगणितीयपहेलीबतातीहैकिहरनाममेंश्रीरामसमाएहैंऔरयहबातसिद्धभीकीजासकतीहै।यहसांकेतिकरूपसेकहतीहै– नामकेअक्षरवेदगुनेकरिफेरिजतनसोंतत्वमिलावे।तत्वमिलायकेदूनेकरेफिरवामेवसुकोभागलगावे।भागलगायजोशेषबचेदोहरनाममेंरामकोवासबतावे।जिसकेनिशिदनजापकरनतेमनुआंमनवांछितफलपावे।अर्थआपकोईभीनामलें।मानाआपनेनामलिया– दीपक।नामकेपूर्णअक्षरलें।दीपकमें3 अक्षरहैं।इस3 कावेदगुनायानीचारगुनाकरें।चारगुना12 हुआ।अबइसमें5 तत्वमिलाएं।इसकायोग17 हुआ।तत्वमिलाकरदूनेकरें।अबइसकामान34 होगा।फिरइसमेंवसुयानी8 काभागलगाएं। 8 का34 मेंभागदेनेपर2 बचतेहैं।ये2 अक्षरभगवानरामकाप्रतीकहैं।इसप्रकारआपकिसीभीनामकेपूर्णअक्षरलेकरदेखें, सबमेंआपकोभगवानरामकेदर्शनहोंगे। केएलविजय
Post Views: 2,118 लोग आक्षेप करते हैं कि शूद्रों के कान में शीसा पिघलाकर डालने की बात शास्त्रों में क्यों कहीं गयी ?? जहां तक …
Post Views: 703 लंका में श्रीराम का युद्धारम्भ एवं युद्धदिवस की गणना लंका में श्रीराम ने युद्ध कब आरम्भ किया और कितने दिन चला ? …
Post Views: 127 वस्तुस्थिति यही है कि आज के युग में सन्त दुर्लभ हैं । पर भागवत माहात्म्य देखें कि लोकस्रष्टा ब्रह्मा जी के पुत्र, अव्याहतगति, …
Post Views: 1,188 राममन्त्र के पुरश्चरण में अनिवार्य नियम “सनकाद्या मुनयो हनुमन्तं पप्रच्छु: ।—रामकार्यधुरन्धर: ।”–रामरहस्योपनिषद्, चतुर्थ अध्याय सनकादि मुनियों ने हनुमान् जी से राममन्त्रों के …
Post Views: 219 रावण से भी अधिक ज्ञानी पक्षिप्रवर भक्तराज जटायु जब श्रीराम ने मारीच का वध करने के बाद वैदेही के विना ही लक्ष्मण …
Post Views: 131 राक्षसराज रावण और पक्षिराज जटायु का अद्भुत युद्ध श्रीराम की पंचवटी में निर्मित कुटीर से कुछ ही दूरी पर स्थित होकर पक्षिराज …
Post Views: 74 भक्तप्रवर पक्षिराज जटायु श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण के अनुसार भगवान् राम जब पंचवटी प्रस्थान कर रहे थे । उस समय मार्ग में उन्हें पक्षिराज …
Post Views: 210 “सर्वधर्मान् परित्यज्य” से भगवान् ने गीता में क्या सभी धर्मों का त्याग कहा ? भगवान् ने गीता में पार्थ से कहा कि …
Post Views: 741 “स्त्रियों, वैश्यों तथा शूद्रों को भगवद्गीता के अनुसार पापयोनि कहना मात्र अज्ञान है” भगवान् श्रीकृष्ण ने गीता में – “मां हि पार्थ …