Post Views: 144 शास्त्रों में गुरु के १२ भेद बतलाये गए हैं १-अध्यापक, २-पिता, ३-ज्येष्ठभाई, ४-राजा, ५-मामा, ६-श्वसुर, ७-रक्षक, ८-नाना, ९-पितामह, १०-बन्धु, ११-अपने से बड़ा, …
Post Views: 168 ब्राह्मण जङ्गम तीर्थ हैं स्थावर और जङ्गम ये दो प्रकार के तीर्थ होते हैं । स्थावर तीर्थों में वे आते हैं जो …
Post Views: 1,055 साधकों के लिए कल्पवृक्ष– ”एकादशमुखहनुमत्कवच” यह एकादशमुख हनुमत्कवच साधकों के लिए सौम्य तथा शत्रुसमूह का विशेष संहारक है । यह कवच सम्पूर्ण …
Post Views: 67 पुरी में जगन्नाथ मंदिर के 8 चमत्कार इस प्रकार है– 1.मन्दिर के ऊपर झंडा हमेशा हवा के विपरीत दिशा में लहराते हुए। …
Post Views: 276 हनुमानचालीसा में “संकरसुवन” पाठ के औचित्य में प्रमाण किसी भी महापुरुष के ग्रन्थ में पाठपरिवर्तन महापराध है । लिपिकारों से प्रमाद की …
Post Views: 93 व्याकरणदृष्ट्या भी “संकर सुवन” पाठ ही “हनुमानचालीसा” में सर्वथा प्रामाणिक है, अन्य नही शब्दकल्पद्रुम में प्रमाणपूर्वक यह तथ्य प्रस्तुत किया गया है …
Post Views: 91 हनुमानचालीसा में “संकर स्वयं” नहीं अपितु “संकर सुवन” ही प्रामाणिक पाठ है। किसी भी महापुरुष के ग्रन्थ में पाठपरिवर्तन महापराध है । …
Post Views: 495 शरणागति के ६ अंग इसी का दूसरा नाम “प्रपत्ति” तथा “न्यासविद्या” भी है । यह उपनिषदों में वर्णित ब्रह्मविद्याविशेष है और निश्चयात्मक …
Post Views: 52 सिद्ध विद्वान् सन्त श्रीशास्त्री जी महाराज, रामघाट, अयोध्या सन्तों की जन्मस्थली,कुल और जननी ये सब उन महापुरुषों की साधना,उदात्त भावना तथा उनके …
Post Views: 294 विवाह में भांवर-फेरे कितने होने चाहिए–३ या ४ अथवा ७ आज कल विवाह में कहीं तो 7 फेरों का प्रचलन है तो …
Post Views: 208 बुद्धिवर्धक मन्त्र मा निषाद प्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः । यत् क्रौञ्चमिथुनादेकमवधी: काममोहितम् ।। महर्षि वाल्मीकि के मुख से सर्वप्रथम इसी श्लोक के …
Post Views: 73 हनुमान जी का अद्भुत पराक्रम वीर वेशमारुति जब रावण ने देखा कि हमारी पराजय निश्चित है तो उसने १००० अमर राक्षसों को …
Post Views: 41 गौ-घृत से अद्भुत लाभ हम अगर गोरस का बखान करते करते मर जाए तो भी कुछ अंग्रेजी सभ्यता वाले हमारी बात नहीं …
Post Views: 16 कालयवन से भगवान् कृष्ण की रणविमुखता में कारण सर्वसमर्थ भगवान् श्रीकृष्ण कालयवन से युद्ध न करके क्यों भगे ? इस प्रश्न का …
