Post Views: 9 गोपाष्टमी के उपलक्ष्य में सविधि गोपूजन एवं गोमहिमा का वर्णन,Gopashtami Ko Savidhi Gopujan Acharya Siyaramdas Naiyayik
Month: November 2025
Post Views: 35 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले– ॥ नागह्नदं ततो गच्छेत्तीर्थंं पापप्रणाशनम् ॥ यत्र नागैस्तपस्तप्तं रम्ये पर्वतरोधसि ॥ १ ॥ हे राजन्! …
Post Views: 4 श्रीरघुनाथमन्दिर गोशाला, आबू रोड,सिरोही , राजस्थान ,Shrraghunath Mandir Goshala Abu Road,Sirohi, यहां लगभग २०० की संख्या में गौवे हैं। जिनकी सेवा में …
Post Views: 6 सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ वेद विद्यालय आबू में उपनयन के बाद विप्र वटुक, Shriraghunath Ved Vidyalay Mount Abu https://youtu.be/_wNS4yiBMVM?si=nfkq-jnbR9C9XyBv सुप्रसिद्ध सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ मन्दिर माउंट …
Post Views: 5 हमारा राष्ट्र भारत सोने की चिड़िया जब था । उस समय भी जातियां थीं। किन्तु जातिवाद नहीं था। इसलिए भामाशाह और महाराणा …
Post Views: 29 भगवान् कृष्णद्वैपायन व्यास महर्षि परासर के द्वारा माँ सत्यवती से उत्पन्न हुए | इन्हें शास्त्रनाभिज्ञ कुछ लोग शूद्र कहते हैं | उनका …
Post Views: 7 मृच्छकटिकम् गुणेषु यत्नः पुरुषेण कार्यो न किञ्चिदप्राप्यतमं गुणानाम् || गुणप्रकर्षादुडुपेन शम्भो रलङ्घ्यमुल्लङ्घितमुत्तमाङ्गम्। पुरुषेण=जनेन, गुणेषु=दयादाक्षिण्यादिगुणोपार्जनेषु,यत्न:= प्रयत्न:, कार्य:=करणीय:, गुणानाम्= गुणयुक्तजनानां, किञ्चिदपि वस्तु, लोके, …
Post Views: 4 आत्मनिष्ठ मंगल और आकाशनिष्ठ समाप्ति में कार्य-कारण भाव कैसे? Mangal Aur Granth Ki Samapti भगवत्स्मरण रूप मंगल आत्मा में है। तो वह आकाशनिष्ठ …
Post Views: 36 कार्ष्णि स्वामी गुरुशरणानंद जी का एक वीडियो वाट्स एप्प के माध्यम से कतिपय सज्जनों द्वारा मुझे प्राप्त हुआ। इतने महान् व्यक्तित्व वाले …
Post Views: 9 मथ्नामि कौरवशतं समरे न कोपाद् दुःशासनस्य रुधिरं न पिबाम्युरस्तः । संचूर्णयामि गदया न सुयोधनोरू सन्धि करोतु भवतां नृपतिः पणेन ॥१५॥ — …
Post Views: 24 भाषा कोई भी हो उसका प्रयोजन समस्त व्यवहारों का सम्पादन है । हम ” घटम् आनय” के स्थान पर “गगरी या घड़ा …
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Post Views: 30 पुत्रहीनश्च यो मर्त्यो नारी वापि समाहिता ॥ तन्मनाः पिंडदानं वै तथा स्नानं करिष्यति ॥ अपुत्रो लभते शीघ्रं सुपुत्रं नात्र संशयः ॥ १७१ …
