अध्याय ३७,नागह्रद तीर्थ का माहात्म्य

Post Views: 35 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले–   ॥ नागह्नदं ततो गच्छेत्तीर्थंं पापप्रणाशनम् ॥  यत्र नागैस्तपस्तप्तं रम्ये पर्वतरोधसि ॥ १ ॥ हे राजन्! …

श्रीरघुनाथ मन्दिर गोशाला, आबू रोड ,सिरोही, राजस्थान

Post Views: 4 श्रीरघुनाथमन्दिर गोशाला, आबू रोड,सिरोही ,  राजस्थान ,Shrraghunath Mandir Goshala Abu Road,Sirohi, यहां लगभग २०० की संख्या में गौवे हैं। जिनकी सेवा में …

श्रीरघुनाथ मन्दिर आबू पर्वत में उपनयन संस्कार

Post Views: 6 सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ वेद विद्यालय आबू में  उपनयन के बाद विप्र वटुक,  Shriraghunath Ved Vidyalay  Mount Abu https://youtu.be/_wNS4yiBMVM?si=nfkq-jnbR9C9XyBv सुप्रसिद्ध सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ मन्दिर माउंट …

भगवान् कृष्णद्वैपायन व्यास ब्राह्मण हैं, शूद्र नही।

Post Views: 29 भगवान् कृष्णद्वैपायन व्यास महर्षि परासर के द्वारा माँ सत्यवती से उत्पन्न हुए | इन्हें शास्त्रनाभिज्ञ कुछ लोग शूद्र कहते हैं | उनका …

गुणों के प्रकर्ष से शिवशिर पर चंद्रमा जैसे उच्च स्थिति प्राप्त करें

Post Views: 7 मृच्छकटिकम् गुणेषु यत्नः पुरुषेण कार्यो  न किञ्चिदप्राप्यतमं गुणानाम् ||  गुणप्रकर्षादुडुपेन शम्भो रलङ्घ्यमुल्लङ्घितमुत्तमाङ्गम्।   पुरुषेण=जनेन, गुणेषु=दयादाक्षिण्यादिगुणोपार्जनेषु,यत्न:= प्रयत्न:, कार्य:=करणीय:, गुणानाम्= गुणयुक्तजनानां, किञ्चिदपि वस्तु, लोके, …

आत्मनिष्ठ मंगल और आकाशनिष्ठ समाप्ति 

Post Views: 4 आत्मनिष्ठ मंगल और आकाशनिष्ठ समाप्ति में कार्य-कारण भाव कैसे?  Mangal Aur Granth Ki Samapti भगवत्स्मरण रूप मंगल आत्मा में है। तो वह आकाशनिष्ठ …

भगवान्_श्रीकृष्ण_पर_कार्ष्णि_गुरुशरणानन्दजी_के_आक्षेपका_निराकरण

Post Views: 36  कार्ष्णि  स्वामी गुरुशरणानंद जी का एक वीडियो वाट्स एप्प के माध्यम से कतिपय सज्जनों द्वारा मुझे प्राप्त हुआ। इतने महान् व्यक्तित्व वाले …

वर्तमान की आवश्यकता

Post Views: 9   मथ्नामि कौरवशतं समरे न कोपाद् दुःशासनस्य रुधिरं न पिबाम्युरस्तः । संचूर्णयामि गदया न सुयोधनोरू सन्धि करोतु भवतां नृपतिः पणेन ॥१५॥ — …

अध्याय-३६,चण्डिकाश्रम का माहात्म्य,भाग-२

Post Views: 30 पुत्रहीनश्च यो मर्त्यो नारी वापि समाहिता ॥  तन्मनाः पिंडदानं वै तथा स्नानं करिष्यति ॥  अपुत्रो लभते शीघ्रं सुपुत्रं नात्र संशयः ॥ १७१ …