Post Views: 7 सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ वेद विद्यालय आबू में उपनयन के बाद विप्र वटुक, Shriraghunath Ved Vidyalay Mount Abu https://youtu.be/_wNS4yiBMVM?si=nfkq-jnbR9C9XyBv सुप्रसिद्ध सर्वेश्वर श्रीरघुनाथ मन्दिर माउंट …
Author: Acharya Siyaramdas Naiyayik
Post Views: 8 हमारा राष्ट्र भारत सोने की चिड़िया जब था । उस समय भी जातियां थीं। किन्तु जातिवाद नहीं था। इसलिए भामाशाह और महाराणा …
Post Views: 40 भगवान् कृष्णद्वैपायन व्यास महर्षि परासर के द्वारा माँ सत्यवती से उत्पन्न हुए | इन्हें शास्त्रनाभिज्ञ कुछ लोग शूद्र कहते हैं | उनका …
Post Views: 8 मृच्छकटिकम् गुणेषु यत्नः पुरुषेण कार्यो न किञ्चिदप्राप्यतमं गुणानाम् || गुणप्रकर्षादुडुपेन शम्भो रलङ्घ्यमुल्लङ्घितमुत्तमाङ्गम्। पुरुषेण=जनेन, गुणेषु=दयादाक्षिण्यादिगुणोपार्जनेषु,यत्न:= प्रयत्न:, कार्य:=करणीय:, गुणानाम्= गुणयुक्तजनानां, किञ्चिदपि वस्तु, लोके, …
Post Views: 5 आत्मनिष्ठ मंगल और आकाशनिष्ठ समाप्ति में कार्य-कारण भाव कैसे? Mangal Aur Granth Ki Samapti भगवत्स्मरण रूप मंगल आत्मा में है। तो वह आकाशनिष्ठ …
Post Views: 41 कार्ष्णि स्वामी गुरुशरणानंद जी का एक वीडियो वाट्स एप्प के माध्यम से कतिपय सज्जनों द्वारा मुझे प्राप्त हुआ। इतने महान् व्यक्तित्व वाले …
Post Views: 12 मथ्नामि कौरवशतं समरे न कोपाद् दुःशासनस्य रुधिरं न पिबाम्युरस्तः । संचूर्णयामि गदया न सुयोधनोरू सन्धि करोतु भवतां नृपतिः पणेन ॥१५॥ — …
Post Views: 29 भाषा कोई भी हो उसका प्रयोजन समस्त व्यवहारों का सम्पादन है । हम ” घटम् आनय” के स्थान पर “गगरी या घड़ा …
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Post Views: 31 पुत्रहीनश्च यो मर्त्यो नारी वापि समाहिता ॥ तन्मनाः पिंडदानं वै तथा स्नानं करिष्यति ॥ अपुत्रो लभते शीघ्रं सुपुत्रं नात्र संशयः ॥ १७१ …
Post Views: 47 ॥ ययातिरुवाच ॥ ययाति जी बोले– ॥ चण्डिकाया द्विजश्रेष्ठ कथं तत्राश्रमोऽभवत् ॥ कस्मिन्काले फलं तेन किं दृष्टेन भवेन्नृणाम् ॥ १ ॥ हे …
Post Views: 21 स्वज्ञप्त्यधीनज्ञप्त्यधीनज्ञप्तिकत्वम् अन्योन्याश्रयत्वम्। स्वपद से हलन्त्यम् को पकड़ें। हलन्त्यम् ज्ञप्ति के अधीन ज्ञप्ति आदिरन्त्येन सहेता की है। और पुनः उसकी ज्ञप्ति के अधीन …
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