अध्याय -४३, सिद्धेश्वर महादेव का माहात्म्य

Post Views: 19  ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले–  ॥ ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ सिद्धलिङ्गं सुसिद्धिदम् ॥ सिद्धैस्तु स्थापितं लिङ्गं सर्वपातकनाशनम् ॥ १ ॥ हे राजेन्द्र! …

अध्याय -४२,उद्दालकेश्वर का माहात्म्य

Post Views: 71 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥  पुलस्त्य जी बोले–  ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ लिंगं पापहरं परम् ॥  उद्दालकेन मुनिना स्थापितं लोकविश्रुतम् ॥ १ ॥ हे राजेन्द्र! …

अध्याय-४१, मार्कण्डेयाश्रम की उत्पत्ति का माहात्म्य

Post Views: 42 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले–   ॥ ततो गच्छेन्नृपश्रेष्ठ मार्कण्डेयस्य चाश्रमम् ।।  यत्र पूर्वं तपस्तप्तं मार्कण्डेन महात्मना ॥ १ ॥ हे …

अध्याय- ४०, कामेश्वर माहात्म्य

Post Views: 84 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले– ॥ ततः कामेश्वरं गच्छेत्तत्र कामप्रतिष्ठितम् ।। यस्मिन्दृष्टे सदा मर्त्यः सुरूपः सुप्रभो भवेत् ॥ १ ॥ …

शिवलिंगमाहात्म्यपूर्वक सत्तू के दान का माहात्म्य

Post Views: 54 अध्याय-३९ ।।ययातिरुवाच ॥ ययाति जी बोले —  ॥ यत्त्वया कीर्तितं ब्रह्मन्पूर्वं देवः प्रसादितः ॥  लिङ्गं संस्थापयामास स्थिररूपो महेश्वरः ॥ १ ॥ हे …

अध्याय -३८, शिवगंगा कुण्डोत्पत्ति का माहात्म्य

Post Views: 52 ॥ पुलस्त्य उवाच ॥ पुलस्त्य जी बोले– ॥ कुंडं तु शिवलिंगाख्यं ततो गच्छेन्महीपते ॥ यत्र सा जाह्नवी गुप्ता तिष्ठते भूपसत्तम ॥ १ …

अन्योन्याश्रय दोष

Post Views: 21 स्वज्ञप्त्यधीनज्ञप्त्यधीनज्ञप्तिकत्वम् अन्योन्याश्रयत्वम्। स्वपद से हलन्त्यम् को पकड़ें। हलन्त्यम् ज्ञप्ति के अधीन ज्ञप्ति आदिरन्त्येन सहेता की है। और पुनः उसकी ज्ञप्ति के अधीन …

लघुसिद्धांतकौमुदी, भ्वादिप्रकरण, तिङादि प्रत्याहार परस्मैपद आत्मनेपद सार्वधातुकादि संज्ञाओं का निरूपण    

Post Views: 8 लघुसिद्धांतकौमुदी, भ्वादिप्रकरण, तिङादि प्रत्याहार परस्मैपद आत्मनेपद सार्वधातुकादि संज्ञाओं का निरूपण      Acharya Siyaramdas Naiyayik

हरिनारायण तिवारी की वेदार्थविषयक भ्रान्ति का निराकरण

Post Views: 30 इस वीडियो में हरिनारायण तिवारी के ” एतया निषादस्थपतिं याजयेत्” इस श्रौतवचन में अर्थविषयक महाभ्रम का ढंग किया गया है। Acharya Siyaramdas …

“श्रीशिवाय नमस्तुभ्यम्” मन्त्र में प्रमाण

Post Views: 113 “श्रीशिवाय नमस्तुभ्यम्” मन्त्र में प्रमाण श्रीशिवाय नमस्तुभ्यं मुखं व्याहरते यदा । तन्मुखं पावन तीर्थं सर्वपापविनाशनम्।। — शिवमहापुराण, विश्वेश्वरसंहिता–23-7 “श्रीशिवाय नमस्तुभ्यं” जब मुख …

Post Views: 98 क्या भगवान श्रीकृष्ण बकरी चराते थे?https://youtu.be/l5i8AHhFHbk?feature=shared Acharya Siyaramdas Naiyayik